29 May 2026

जनगणना कार्य में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, वेतन रोका, FIR दर्ज करने के आदेश

 जनगणना कार्य में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई,  वेतन रोका, FIR दर्ज करने के आदेश



बहेड़ी (बरेली)। राष्ट्रीय महत्व के कार्य 'जनगणना 2027' में लापरवाही और शिथिलता बरतने वाले प्रगणकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। बहेड़ी तहसील के चार्ज अधिकारी व तहसीलदार भानु प्रताप ने मकान गणना कार्य में घोर अनुशासनहीनता बरतने पर एक महिला पंचायत सहायक का वेतन रोकते हुए उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश जारी किया है।

बार-बार फोन-मैसेज के बाद भी नहीं शुरू किया काम

कार्यालय तहसीलदार/चार्ज अधिकारी बहेड़ी द्वारा जारी पत्रांक 12 (र०का०/जनगणना-2027) के अनुसार, तहसील क्षेत्र में 22 मई 2026 से मकान गणना का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। सुपरवाइजर सर्किल पर कार्यरत सुपरवाइजर विवेक कुमार ने अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी कि एचएलबी (HLB) संख्या 0237 पर तैनात प्रगणक श्रीमती संध्या गंगवार (पंचायत सहायक) को कार्य शुरू करने के लिए बार-बार फोन और मैसेज किए गए। इसके बावजूद उन्होंने अब तक कार्य प्रारम्भ नहीं किया।

राष्ट्रीय कार्य में व्यवधान को माना गंभीर कृत्य

प्रशासन ने प्रगणक के इस रवैये को घोर अनुशासनहीनता और राष्ट्रीय महत्व के कार्यों के प्रति उपेक्षात्मक व्यवहार माना है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इस कृत्य के कारण राष्ट्रीय जनगणना जैसे अति-महत्वपूर्ण कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश

तहसीलदार भानु प्रताप ने खंड विकास अधिकारी (BDO) बहेड़ी को निर्देशित करते हुए निम्नलिखित कड़े कदम उठाने के आदेश दिए हैं:

  • प्रगणक श्रीमती संध्या गंगवार का माह मई 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

  • जनगणना अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत उनके खिलाफ अविलंब प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए।

  • इस संबंध में अन्य आवश्यक विभागीय कार्रवाई गठित कर कृत कार्रवाई से उच्चाधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाए।

इस सख्त आदेश की प्रतिलिपि जिला जनगणना अधिकारी/अपर अधिकारी (वि०रा०) बरेली तथा उप जनगणना अधिकारी/उपजिलाधिकारी बहेड़ी को भी आवश्यक सूचना और कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।

कर्मचारियों को सख्त संदेश: इस आधिकारिक कार्रवाई के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर इस आदेश के साथ कर्मचारियों को सचेत करते हुए एक संदेश भी प्रसारित किया जा रहा है— "कृपया ऐसी स्थिति न आने दें", जो यह साफ संकेत देता है कि राष्ट्रीय कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।