29 June 2026

आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी नई मैपिंग, अब ग्रामीण क्षेत्र में 1 किमी और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में जुड़ेगा विद्यालय

 

आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी नई मैपिंग, अब ग्रामीण क्षेत्र में 1 किमी और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में जुड़ेगा विद्यालय


लखनऊ/जौनपुर।
प्रदेश में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की परिषदीय (बेसिक) विद्यालयों के साथ दोबारा मैपिंग की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय से 1 किलोमीटर तथा शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर की परिधि में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों को निकटतम प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को स्कूल रेडीनेस, प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ उपलब्ध कराना है।

पहले क्या थी व्यवस्था?

अब तक विद्यालयों से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग की जाती थी। ऐसे केंद्रों को विद्यालय परिसर अथवा उससे जुड़े स्थानों पर संचालित कर बच्चों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं।

अब शासन ने इस दायरे का विस्तार करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 1 किलोमीटर और शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तक की सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया है।

शासन ने जारी किए संयुक्त निर्देश

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए हॉट कुक्ड मील पोर्टल के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों की मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अब प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को उसके सबसे निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चों को शिक्षा और पोषण संबंधी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके।

पोर्टल पर अपडेट होगा पूरा विवरण

अब तक पोर्टल पर केवल आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं की लोकेशन दर्ज थी। नई प्रक्रिया के तहत संबंधित विद्यालय की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। साथ ही प्रत्येक केंद्र का यू-डायस (UDISE) कोड भी पोर्टल पर अंकित किया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सके।

जिलों में शुरू होगी मैपिंग प्रक्रिया

शासन के निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास विभाग के समन्वय से मैपिंग का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

बच्चों को मिलेगा समग्र लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि नई मैपिंग व्यवस्था लागू होने से आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और स्कूल रेडीनेस कार्यक्रमों का लाभ एक ही व्यवस्था के तहत प्रभावी रूप से मिल सकेगा।

मुख्य बातें एक नजर में

  • सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी दोबारा मैपिंग।
  • ग्रामीण क्षेत्र में 1 किलोमीटर तक के केंद्र निकटतम विद्यालय से जुड़ेंगे।
  • शहरी क्षेत्र में 500 मीटर तक की दूरी के केंद्र होंगे शामिल।
  • हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर विद्यालय और आंगनबाड़ी की मैपिंग दर्ज होगी।
  • प्रत्येक केंद्र के साथ UDISE Code भी अपडेट किया जाएगा।
  • बच्चों को शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का मिलेगा समेकित लाभ।