23 June 2026

बीएड के फर्जी अंकपत्र पर नौकरी कर रही शिक्षिका बर्खास्त

 आजमगढ़,  । कूटरचित बीएड के अंकपत्र से नौकरी कर रही शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी गई है। वह नगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय बदरका में तैनात थी। शिक्षिका की ओर से आहरित वेतन की रिकवरी के निर्देश दिए गए हैं। सदर क्षेत्र के भदुली निवासी शंकर प्रसाद योगाचार्य ने मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि नगर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक में तैनात सहायक अध्यापिका रीता गौड़ ने कूटरचित बीएड अंकपत्र और प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की है। शिकायत के साथ स्वामी देवानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मठलार (देवरिया) से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त पत्र भी संलग्न किया गया था।




जिसमें वर्ष 2003 के बीएड अंकपत्र का अनुक्रमांक 192735 महाविद्यालय के अभिलेखों में दर्ज नहीं होने तथा अंकपत्र को महाविद्यालय से निर्गत न किया जाना बताया गया था।शिकायत मिलने के बाद बीएसए कार्यालय ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा। रीता गौड़ ने अपने प्रमाणपत्रों को सही बताते हुए पुन: सत्यापन का अनुरोध किया। इस दौरान महाविद्यालय से दो अलग-अलग प्रकार की सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद बीएसए कार्यालय ने दोबारा महाविद्यालय से स्पष्ट आख्या मांगी। स्वामी देवानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य ने 13 जून 2026 को भेजी गई अंतिम सत्यापन रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि 17 मार्च 2025 को भेजी गई रिपोर्ट वास्तविक थी, जिसमें अंकपत्र को महाविद्यालय के अभिलेखों में दर्ज न होने के कारण फर्जी बताया गया था। वहीं, चार जून 2025 की दूसरी रिपोर्ट को प्राचार्य ने कूटरचित बताते हुए कहा कि वह न तो महाविद्यालय से जारी हुई थी और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर थे। पत्र पर अंकित डिस्पैच नंबर और हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए। अंतिम सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर बीएसए राजीव पाठक ने सहायक अध्यापिका रीता गौड़ की नियुक्ति को नियम विरुद्ध मानते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी।