उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां कक्षा चार की छात्रा के साथ विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने अश्लीलता की। छात्रा ने घर जाकर परिजनों को घटना बताई। घटना की शिकायत मिलने पर बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल भेजकर जांच कराई। इसमें शिक्षक दोषी पाया गया। उसे सस्पेंड कर दिया गया है। पीड़िता के परिजन और ग्रामीण शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कराने और उसे जेल भेजने की मांग कर रहे हैं।
मामला मैनपुरी विकासखंड क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय का है। गुरुवार को बीएसए से पीड़ित पिता ने शिकायत की कि उसकी बेटी विद्यालय में कक्षा चार की छात्रा है। वहां तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ने बुधवार को उसकी बेटी को कमरे में बुलाया और उससे अश्लीलता करने लगा। बेटी घबरा गई। वह घर आयी और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। गुरुवार को पिता स्कूल पहुंचा और शिक्षक से विरोध दर्ज कराया तो शिक्षक ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना पाकर दन्नाहार थाना प्रभारी वीरेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंच गए और जांच की। पीड़ित पिता ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेश कुमार के खिलाफ थाने में भी तहरीर दी है। थाना प्रभारी वीरेंद्र पाल सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। इसके बाद कार्रवाई होगी। उधर घटना की बीएसए सूर्यप्रताप सिंह से भी शिकायत की गई।
शिक्षक को निलंबित कर बजर कलिया पाठशाला से किया गया संबद्ध
शिकायत के बाद बीएसए सूर्यप्रताप सिंह ने मामले की जांच के लिए तत्काल बीईओ दीपक कुमार को स्कूल भेजा। वहां छात्रा से पूछताछ की तो उसने पूरी घटना की बताई। बीईओ ने इसकी रिपोर्ट बीएसए को दे दी। बीएसए ने आरोपी इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेश कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। आरोपी को करहल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बजर कलिया से संबद्ध किया है और उपस्थिति का अलग से रजिस्टर बनाकर हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए हैं। आरोपी शिक्षक को आरोप पत्र भी दे दिया गया है।

