31 July 2026

योग्यता किसी एक जाति की बपौती नहीं: हाईकोर्ट

प्रयागराज,  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक धन से संचालित शैक्षणिक संस्थानों का प्रबंधन किसी एक जाति, परिवार या गुट के नियंत्रण का माध्यम नहीं बन सकता। ऐसे संस्थानों का संचालन लंबे समय तक एक ही जातीय समूह के प्रभुत्व में रहता है तो यह संविधान की समानता और समावेशिता की भावना के विपरीत है।



यह टिप्पणी न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने फतेहपुर के धाता इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रबंध समिति के चुनाव से जुड़े विवाद पर सुनवाई करते हुए की। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) तथा रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटीज को इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।