गोसाईंगंज। बेगरियामऊ स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शौचालय की गंदगी और पेयजल व्यवस्था का वीडियो बनाना यूट्यूबर को भारी पड़ गया। स्कूल की प्रभारी अध्यापिका ने यूट्यूबर अमित यादव समेत उसके साथियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर वायरल करने का गोसाईगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच कर रही है।
प्रभारी अध्यापिका विनीता श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि 20 अगस्त को स्कूल में सत्र परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एक एक यूट़्यूटबर अमित यादव कुछ साथियों के साथ बिना अनुमति स्कूल परिसर में घुस आए और शौचालय,वॉशबेसिन व पेयजल की टंकी और परिसर में जभराव का वीडियो बनाने लगे। मना करने के पर ये लोग स्कूल में मौजूद दो महिला शिक्षिकाओं को कैमरे के सामने बोलने के लिए दबाव बनाने लगे। शिक्षिकाएं सहम गईं। इससे परीक्षा में व्यवधान में हुआ। यह लोग वीडियो बनाने के करीब 10 मिनट बाद स्कूल से चले गए।
स्कूल की छवि धूमिल करने का आरोप
प्रभारी अध्यापिका ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि स्कूल से जाने के बाद आरोपियों ने ये वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिये। जबकि स्कूल परिसर पूरी तरह स्वच्छ है। आरोप है कि यह कृत्य आरोपियों ने राजनीतिक द्वेष के चलते स्कूल और शिक्षिकाओं की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किया गया।
प्रभारी अध्यापिका की तहरीर पर यूट्यूबर अमित यादव समेत साथियों के पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले की निष्पक्ष जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी
डीके सिंह, इंस्पेक्टर, गोसाईगंज
स्कूल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौखिक आदेश देकर प्राइमरी स्कूलों के भीतर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगायी है। स्कूलों में बच्चों के आने बाद गेट में ताला डालने के निर्देश दिये हैं। शिक्षकों का कहना है कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों की ओर से शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर यह मैसेज भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि बाहरी किसी भी व्यक्ति को स्कूल के भीतर आकर जर्जर भवन, गदंगी व जलभराव का वीडियो न बनाने दें। सख्त चेतावनी भी दी गई है कि मीडिया में वीडियो व फोटो के वायरल होने पर उस स्कूल के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों की जवाबदेही होगी। इससे शिक्षक भी परेशान हैं। वहीं एक शिक्षक ने बताया कि कुछ दिन पहले सरोजनीनगर के एक स्कूल का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद ही बीईओ ने यह मैसेज शिक्षकों के ग्रुप पर भेजा था। इस सम्बंध में बीएसए विपिन कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

