कमजोर बच्चों के लिए अपनाई जाएगी कैचअप शिक्षण प्रक्रिया, परिषदीय विद्यालयों में लर्निंग इनहैंसमेंट प्रोग्राम लागू
लखनऊ: प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के कमजोर बच्चों के लिए अब कैचअप शिक्षण प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए निपुण भारत मिशन को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कक्षा 6 से 8 के बच्चों के लिए लर्निंग इनहैंसमेंट प्रोग्राम (LEP) लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बच्चों के अधिगम स्तर का आकलन कर कमजोरियों की पहचान की जाएगी और विषयवार दक्षता हासिल कराने के लिए विशेष शिक्षण कराया जाएगा।
तालिका और निपुण ऐप से होगा आकलन
कार्यक्रम के तहत बच्चों का तालिका और निपुण ऐप के माध्यम से दक्षता आधारित आकलन किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित और प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
कमजोर बच्चों के लिए कैचअप शिक्षण प्रक्रिया अपनाकर उनके अधिगम स्तर में सुधार किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर शिक्षकों को बच्चों की जरूरत के अनुसार रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
कक्षा 1 से 5 के निपुण आकलन की तैयारी शुरू
परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के निपुण आकलन की तैयारी शुरू हो गई है। नवंबर में होने वाले आकलन से पहले डीएलएड प्रशिक्षुओं की आईडी बनाई जाएगी।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने 20 नवंबर से 31 दिसंबर तक परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का निपुण आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को डीएलएड प्रशिक्षुओं की आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
विज्ञान और गणित की बनेगी सर्किल
कक्षा 6 से 8 के बच्चों के लिए विज्ञान और गणित सर्किल बनाए जाएंगे। इनमें बच्चों को प्रोजेक्ट, मॉडल और अलग-अलग किट के माध्यम से विषयों को समझाया जाएगा। इसी तरह अंग्रेजी शिक्षण के लिए तैयार वीडियो का भी उपयोग किया जाएगा।
शिक्षकों को विद्यालय की बैठकों में इन गतिविधियों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों की विषयवार दक्षता बढ़ाना और कमजोर विद्यार्थियों को सीखने में अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराना है।

