24 August 2026

रसोई में किसी बाहरी को न घुसने दें: योगी

 

रसोई में किसी बाहरी को न घुसने दें

स्कूल की रसोई में बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर रोक, रसोइयों को मिलेगा ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील यानी पीएम पोषण योजना के भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर रसोइयों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल की रसोई में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं होना चाहिए। भोजन में किसी भी तरह की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।


मुख्यमंत्री ने रसोइयों को संबोधित करते हुए कहा कि भोजन बनाते समय विशेष सावधानी बरती जाए। फूड प्वॉइजनिंग की कोई घटना नहीं होनी चाहिए। खाने में छिपकली या कीड़ा गिरना जैसी घटनाएं जीवन के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने रसोइयों से स्वच्छता और सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन करने की अपील की।



रसोइयों को मिलेगा ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा


स्कूलों में कार्यरत रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए प्रदेश सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ समझौता किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत रसोइयों को ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा मिलेगा।


अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा और एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।


मुख्यमंत्री ने इस दौरान 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड, चेक, परिधान किट और बढ़े हुए मानदेय का चेक भी प्रदान किया।


डेढ़ करोड़ बच्चों को मिलता है भोजन


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 1.42 लाख विद्यालयों में डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को पीएम पोषण योजना के तहत निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।


उन्होंने कहा कि छह दिन के मेन्यू में मिलेट्स, स्थानीय व्यंजन और मौसमी फल भी शामिल किए गए हैं। स्कूल की रसोई साफ-सुथरी होनी चाहिए और बच्चों को समय पर स्वच्छता के साथ पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए।


‘बच्चों का बचपन स्वस्थ बनाएं, आपके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हमारी’


मुख्यमंत्री ने कहा कि रसोई में तैयार होने वाला भोजन केवल बच्चों का पेट भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके स्वस्थ और मजबूत भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि रसोइये प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


सरकार ने अब रसोइयों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की चिंता भी की है। रसोइया या उसके परिवार का कोई सदस्य बीमार होने पर सरकारी अस्पताल के साथ-साथ किसी भी इम्पैनल्ड अस्पताल में उपचार करा सकेगा।


कोरोना और महाकुंभ में भी रसोइयों की अहम भूमिका


मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी और प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रसोइयों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में प्रदेश लौटे एक करोड़ से अधिक लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था में रसोइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भीड़ बढ़ने पर जौनपुर, प्रतापगढ़, भदोही, मीरजापुर और फतेहपुर समेत आसपास के जिलों में होल्डिंग एरिया बनाए गए थे। यहां बेसिक शिक्षा परिषद के रसोइयों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पौष्टिक भोजन और सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध कराया जाए। इसी क्रम में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय मॉडल भी इस वर्ष के अंत तक आने की बात कही गई।