UPTET 2026: OMR में मानवीय भूल से रिजेक्ट हुए 50-60 हजार अभ्यर्थियों के परिणाम पर पुनर्विचार की मांग
प्रयागराज। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 में ओएमआर शीट भरते समय हुई मानवीय भूल के कारण रिजेक्ट घोषित किए गए अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग तेज हो गई है। विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भेजकर ऐसे अभ्यर्थियों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उनके ओएमआर रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार कराने का अनुरोध किया है।
पत्र के अनुसार, 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में करीब 50 से 60 हजार अभ्यर्थियों द्वारा ओएमआर शीट में अनुक्रमांक, सेंटर कोड, विषय कोड और बुकलेट नंबर आदि भरने में मानवीय भूल हो गई थी। इसके चलते उनके परीक्षा परिणाम 'रिजेक्ट' घोषित कर दिए गए।
पत्र में कहा गया है कि आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी से मिलान करने पर करीब-करीब सभी रिजेक्ट अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हो रहे हैं। वहीं, आने वाले समय में शिक्षकों की भर्ती के लिए सुपर टेट परीक्षा भी प्रस्तावित है, ऐसे में इन अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए उनके मामलों पर पुनर्विचार की आवश्यकता बताई गई है।
शिक्षकों की सेवा में बाधा न आने देने का आश्वासन
विधान परिषद सदस्य ने पत्र में उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की सेवा में किसी भी प्रकार की बाधा न आने देने का आश्वासन दिया है। इसी आधार पर उन्होंने TET 2026 में रिजेक्ट हुए अभ्यर्थियों से प्रत्यावेदन प्राप्त कर उनकी ओएमआर शीट में हुई मानवीय भूल के आधार पर सुधार करने का आग्रह किया है।
अब रिजेक्ट घोषित अभ्यर्थियों की नजर आयोग की ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी है। यदि ओएमआर में मानवीय त्रुटियों को लेकर पुनर्विचार किया जाता है, तो हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

