अंबेडकरनगर: बेसिक शिक्षा विभाग के प्रदेशभर में दर्ज दो लाख 65 हजार 278 विद्यालय क्षेत्र सापेक्ष 8,841 नशामुक्त घोषित हुए हैं। हालांकि, प्रदेश के पांच जनपदों में कोई भी विद्यालय इस श्रेणी में शामिल नहीं हो सका है। टॉप टेन जिलों में पहले स्थान पर हरदोई के 1565 विद्यालय, दूसरे स्थान पर लखनऊ में 891 व सातवें स्थान पर अंबेडकरनगर के 454 विद्यालय हैं। इन विद्यालयों के अंदर एवं बाहर निर्धारित परिधि में नशे की सामग्री की बिक्री एवं उपयोग नहीं होने का दावा किया गया है। गत माह दैनिक जागरण ने आजादी के स्वतंत्रता के सारथी कालम में नशे के विरुद्ध युद्ध अभियान चलाया था। इसके बाद विद्यालयों को नशामुक्त करने के अभियान को गति मिली है।
विद्यालयों को नशामुक्त घोषित करने के मानक: प्रत्येक विद्यालय के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को अनिवार्य रूप से नशामुक्त क्षेत्र घोषित किया जाता है। इस दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू, सिगरेट, गुटखा आदि नशीले पदार्थों की बिक्री व सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध होता है। इस सीमा के भीतर नियमों का उल्लंघन होने पर स्कूल प्रशासन को पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों को सूचना देनी होती है।
टॉप टेन जिलों में स्थिति:
- हरदोई: प्रथम स्थान (कुल विद्यालय: 5556, नशामुक्त विद्यालय: 1565)
- लखनऊ: दूसरा स्थान (कुल विद्यालय: 4466, नशामुक्त विद्यालय: 891)
- अंबेडकरनगर: सातवां स्थान (कुल विद्यालय: 3535, नशामुक्त विद्यालय: 454)
- श्रावस्ती: आठवां स्थान (कुल विद्यालय: 1500, नशामुक्त विद्यालय: 368)
- बहराइच: 14वां स्थान (कुल विद्यालय: 4255, नशामुक्त विद्यालय: 163)
- रायबरेली: 21वां स्थान (कुल विद्यालय: 3727, नशामुक्त विद्यालय: 78)
- बाराबंकी: 22वां स्थान (कुल विद्यालय: 4239, नशामुक्त विद्यालय: 68)
- अयोध्या: 23वां स्थान (कुल विद्यालय: 3817, नशामुक्त विद्यालय: 62)
- बलरामपुर: 40वां स्थान (कुल विद्यालय: 2947, नशामुक्त विद्यालय: 7)
- गोण्डा: 44वां स्थान (कुल विद्यालय: 4787, नशामुक्त विद्यालय: 5)
- सुल्तानपुर: 50वां स्थान (कुल विद्यालय: 3641, नशामुक्त विद्यालय: 4)
- अमेठी: 59वां स्थान (कुल विद्यालय: 2672, नशामुक्त विद्यालय: 2)
- लखीमपुर खीरी: 62वां स्थान (कुल विद्यालय: 4663, नशामुक्त विद्यालय: 2)
- सीतापुर: 63वां स्थान (कुल विद्यालय: 5771, नशामुक्त विद्यालय: 2)
नोट: उक्त आंकड़े अद्यतन पहली सितंबर को जारी रिपोर्ट से संबंधित हैं।
डॉ. पूनम मिश्रा, बीएसए का कहना है कि 1 सितंबर तक 454 विद्यालय नशामुक्त घोषित हुए थे। अब तक 664 विद्यालय शामिल हो गए हैं। माध्यमिक, बेसिक शिक्षा, संस्कृत तथा मदरसा बोर्ड के समस्त 3535 विद्यालयों को जल्द नशामुक्त बनाया जाएगा।

