लखनऊ : सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को अब स्कूल में पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल भी सिखाया जाएगा। उत्तर कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए 31 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को लक्ष्य सौंपा गया है। सभी संस्थाओं के लिए 30 सितंबर तक प्रशिक्षण शुरू करना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही कौशल से जोड़कर आगे रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर करियर के लिए तैयार करना है।
सर्वोदय विद्यालय
- प्रोजेक्ट प्रवीण में 31 संस्थाओं को कौशल प्रशिक्षण की जिम्मेदारी
- 30 तक शुरू होगी ट्रेनिंग, एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को उनकी रुचि और उपलब्ध प्रशिक्षण के अनुसार अपैरल, आईटी-आईटीईएस, मैनेजमेंट सहित अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण होगी। प्रशिक्षण में एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी शामिल किए जाएंगे। प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी। विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित किए बिना कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा और नियमों के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

