अपना केस
> RAGHVENDRA PRATAP SINGH vs. THE STATE OF UTTAR PRADESH
अन्य टैग समस्त याचिकाओं के साथ,आज 06-10-2026 को
*[HON'BLE MR. JUSTICE S.V.N. BHATTI And HON'BLE MR. JUSTICE N.V. ANJARIA]* की बेंच में *[CL.NO. : 26]* पर लगा हुआ है ।
```इस बेंच के सम्मुख आज की डेट पर विपक्ष के पक्ष को निर्णायक रूप से सुना जाना सम्भावित है ।```
*बेंच बैठने के बाद केस की प्रगति सम्बन्धी सूचना यहीं चैनल पर आपको प्राप्त होती रहेगी ।*
*टीम के तरफ से अधिवक्ता AORs उपस्थित रहेंगे । जिस से विपक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा किए जाने वाले तर्क और कुतर्क (गुमराह करने वाले विंदु) दोनों नोट किए जा सकें,और बाद में उन्हें काउंटर किया जा सके ।*
👉 सुनवाई शुरू 👇
[06/10, 12:02] null: > देवेश शर्मा जजमेंट्स पर बात रख रहे हैं । इनकी बहस उसदिन शेष रह गई थी ।
इनका कहना है कि डबल बेंच ने इशू सुना लेकिन उसको अपैक्स कोर्ट का मुद्दा होने के कारण हस्तक्षेप नहीं किया । इनका कहना है नियुक्तियां महेन्द्रपाल की याचिका के अधीन थी और अब Subject To Outcome हैं ।
[06/10, 12:06] null: *LP मिश्रा जी के डबल बेंच के तर्कों को पढ़कर कोर्ट को बता रहे हैं । वॉल्यूम 2 कैटगरी B के कंपाइलेशन से ।*
उनका कहना है देवेश शर्मा के मामले में जस्टिस धूलिया के सामने भी ऐसे ही तर्क रखे गए थे । उन्होंने छतीसगढ़ मामले का जिक्र किया है उसका जजमेंट quote करके साइटेशन बता रहे हैं ।
[06/10, 12:07] null: *इन्होंने इस बात को बताया कि भर्ती के समय NCTE NOTIFICATION के हिसाब से बीएड एलिजिबल था । जो नोटिफिकेशन के रद्द होने तक प्रभावी था ।*
[06/10, 12:11] null: बेंच कह रही है 35 हजार बीएड के शिक्षक शामिल हैं ।
Atre परीक्षा basis है जिसके माध्यम से चयन हुआ, और आपके हिसाब बीएड का अगर नम्बर ज्यादा है तो उसको बाहर करके बीटीसी कम नम्बर वाले का कर दिया जाए सिर्फ इसलिए कि अगला बीएड धारक है ??
[06/10, 12:13] null: > आनंद यादव जजमेंट्स का हवाला देकर उन्होंने कहा कृपया इसका संज्ञान लीजिए ।
[06/10, 12:16] null: १ *बेंच ने कहा State के AOR गोयल जी को तमाम प्रश्नों का सामना करने की तैयारी कर लेनी चाहिए अब ।*
२ इस अधिवक्ता की बहस समाप्त । अमित भदौरिया सर ने कहा कुछ और बिंदु रखने के लिए कहा ।
३ अधिवक्ता ने मेंशन करके उन्हें शामिल करने का अनुरोध किया ।
४ बेंच ने अमित भदौरिया सर से कहा आप अलग कैटेगरी की तरफ से भी उपस्थित थे न । भदौरिया सर ने कहा जी सर बस इस मामले में भी मेरे कैंडिडेट हैं इसलिए हम रख रहे हैं ।
[06/10, 12:19] null: १ नए अधिवक्ता ने बात रखते हुए बेंच को बताया कि रामशरण मौर्या मामले में कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि नोटिफिकेशन के पहले ncte नोटिफिकेशन को चुनौती न दी गई थी इसलिए बीएड शामिल था और रहना चाहिए ।
२ जस्टिस धुलिया के ऑर्डर में अंतिम पैराग्राफ में ये स्पष्ट था कि नोटिफिकेशन रद्द से पहले कार्य कर रहे अभ्यर्थियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
३ जो पूर्व में कार्य कर रहे हैं, उनको 142 से प्रोटेक्ट किया गया था । मेरा बस यही बिंदु था ।
*बेंच ने कहा ---->* आपके पहले 11 अधिवक्ताओं ने ये बात रखी है, ऐसा नहीं है हम नए अधिवक्ताओं को सुनते हैं तो पुराना नोट हटा देते हैं । इसलिए हर दिन वही बात न रखिये । आपने कोई बात रखी है तो हमारे पास सुरक्षित है हम सबको पढ़कर ही अंतिम निष्कर्ष देगे ।
[06/10, 12:20] null: *EWS* की तरफ से पेश हो रहे अधिवक्ता महोदय ने सबमिशन लेने का अनुरोध किया जिसे बेंच द्वारा तात्कालिक रूप से टाल दिया गया ।
[06/10, 12:23] null: बेंच ने कहा आपका मात्र इतना कहना है कि आपका आरक्षण भी मिलना चाहिए ।
वकील ने कहा हां ।
वेंच ने कहा ठीक है । कोई नई बात ??
*वकील ने कहा नहीं, ews कैटेगरी बात पूर्ण*
👉[06/10, 12:23] null: *33.4 शिक्षामित्रों की तरफ से बात रखने के लिए अधिवक्ता उपस्थित....अब बात रख रहे हैं*
शिक्षामित्रों के तरफ से उपस्थित अधिवक्ता लगे हाथ पासिंग मार्क हटाने का भी अनुरोध लेकर उपस्थित हैं । उनका कहना है स्टेट ने पूर्वाग्रह के साथ इतना हाई मार्क्स पासिंग लगाया और वेटेज नहीं दिया ।
उनका कहना है कि वेटेज फाइनल चरण में न दिया है ।
स्टेट कोई हक नहीं है कि कटऑफ लगा सके ।
👉 [06/10, 12:34] null: *इनका कहना है कुछ और वेटेज शिक्षामित्रों को देने के लिए स्टेट को कह दीजिये ।*
[06/10, 12:35] null: *Ews की तरफ से पुनः महिला अधिवक्ता उपस्थित हुई ।*
> बेंच ने कहा हमारे पास पहले से इतना नोट्स है हम कोई नोट अब नहीं लेंगे । भले कैटेगरी कोई हो । इस से भ्रम बहुत बढ़ेगा कम होने की जगह
[06/10, 12:37] null: *रेस्पोंडेंट की तरफ मनीष गोस्वामी जी बात रखने के लिए खःडे हुए ।*
> उन्होंने कहा वो सिर्फ Law की बात रखेंगे, बाकी कोई बहस नहीं करेंगे । न ही मैटर रिपीट करेंगे ।
बेंच ने कहा हमें सीनियर काउंसिल के नाम लिखकर दीजियेगा जो बहस करेंगे । ताकि बाद में ये न हो हमें सुना नहीं गया ।
```कालरा सर ने कहा हम लंच में आपको शार्ट नोट बनाकर दे देंगे किसको किसको सुना जाना है किस मामले में ।```
[06/10, 12:39] null: विपक्ष ने कहा स्टेट को पहले सुन लीजिए,
कोर्ट ने कहा स्टेट से पूछा ।
*गोयल जी ने कहा ASG कोर्ट 2 में हैं इसलिए सुनवाई जारी रखी जाए हम इसके बाद बात रख लेंगे ।*
[06/10, 12:46] null: > विपक्ष के सीनियर अधिवक्ता *मनीष गोस्वामी सर
*सेक्शन 3(6) और 1993 act को हमने रखा है । हमारे माइग्रेशन को कहीं से रोकने का प्रावधान इनमें नहीं है ।*
सेक्शन 8 में कॉन्सेसन रिलैक्सेशन को GO के साथ मिलाकर पढ़ा जाए 25/3/94 लीगल फैक्शन वहीं से आएगा ।
रूल 14 (5 स्टेज) का जिक्र करता है । ओपन कॉम्पटीशन ATRE और अकादमिक को मिलाकर होगी । इस से इतर व्याख्या गलत रहेगी ।
5% की छूट लेवल प्लेइंग फील्ड को बिल्कुल डिस्टर्ब नहीं करेगी मैं इसे सिद्ध करूँगा आप चार्ट देखिए ।
बेंच ने कहा ये कंक्रीट नहीं रहेगा । बेंच ने कहा आप इसपर तो सहमत हैं 3(6) का इंटरप्रेटेशन होना चाहिए ।
अधिवक्ता ने सहमति दी ।
*★सँयुक्त लीगल टीम 69000★*
[06/10, 12:48] null: *बेंच ने प्रश्न किया एक कैंडिडेट 34 साल का है वह 20 साल पहले 10 में था ।*
*एक 24 साल का है वह 10 साल पहले 10th में था । हम जानते हैं इन दिनों में देश मे नम्बर मिलने का बदलाव सब जानते हैं ।*
> इसलिए जो 85 पर है वह 8.5 पायेगा जो 65 पर है वह 6.5 पायेगा ।
अब इसका efffect बताइए ।
*वकील ने कहा वो अंतर तो आएगा सहमत हैं ।*
👉बेंच ने कहा मैथ्स में 65 70 नम्बर लाने वाले को हमारे समय रामानुजम माना जाता था । अब 95 लाने वाला सामान्य विद्यार्थी माना जाता है ।
बेंच ने कहा हम अभ्यर्थियों की उम्र भी देखते हुए चल रहे हैं ।
आप बात आगे रखें ।
बेंच ने कहा हम इनर लिमिट आउटर लिमिट तय कर चुके हैं । उसके बाहर हम ह्यपोथेटिकल कल्पनाओं को जगह नहीं देंगे ।
> बेंच ने कहा इसकी अपेक्षा मत करियेगा हम 9 दिन दे सके मुश्किल रहेगा । इसलिए बात जल्दी जल्दी रखियेगा ।
[06/10, 12:53] null: पासिंग The Atre was not a merely क्वालिफिकेशन for appointment । ये अडमिटेड फैक्ट हैं । इसलिए दो जजमेंट हम रख रहे हैं जो mrc aspect को क्लियर करेंगे ।
एक छाया जजमेंट्स, एक साजिब रॉय । लंच बाद इसकी व्यख्या करेंगे विपक्ष के अधिवक्ता ।
`(छाया जजमेंट वही है जिसपर` *भटनागर सर ने बेंच से* कहा था विपक्ष `इसे रखेगा आपके सामने पर हमारे फेवर के बिंदु छिपायेगा ।आज विपक्ष वही बात रखने के लिए बढ़ रहा है ।)`
लंच के लिए कोर्ट उठ गई है । आफ्टर लंच सुनवाई जारी रहेगी ।
*★सँयुक्त लीगल टीम 69000★*
[06/10, 13:24] null: आज बेंच के रुख को देखते हुए कुछ चीजें जो बहस के दौरान *सिद्धार्थ भटनागर सर ने रखी थी* उसका प्रभाव परिलक्षित हुआ ।
१ सिद्धार्थ सर ने अहम बिंदु में माइग्रेशन के लिए स्टेट लिस्ट मांगकर कोर्ट को सुपरवाइज़ करने का आग्रह किया था । कोर्ट ने स्टेट को पिछली सुनवॉई में उस लिस्ट के लिए स्टेट को डायरेक्ट किया था । आज गोयल जी ने कहा भी वो सैम्पल को रखेंगे बेंच के सामने । यदि सैम्पल से बात न बनती है तो प्रयास पूरी लिस्ट मंगवाने का आगे रहे ।
२ सिद्धार्थ सर ने उस दिन बहस में कहा था --->
*सेक्शन 3(6) की भाषा उस उम्मीदवार के माइग्रेशन (स्थानांतरण) की व्यवस्था करती है, डिवीज़न बेंच ने इन दोनों को अलग-अलग शर्तें मानकर और 'मेरिट' को 'मेरिट लिस्ट' के बराबर समझकर गलती की। मेरिट को परखने का चरण ओपन कॉम्पिटिशन, यानी ATRE का चरण होता है। इसीलिए, 'ओपन कॉम्पिटिशन में मेरिट' वाक्यांश का इस्तेमाल किया गया है। - भटनागर सर*
आज बेंच ने विपक्ष द्वारा गुमराह किये जाने पर सीधे कहा आप इंटरप्रेटेशन के लिए सहमत हैं होना चाहिए उन्होंने हामी दी है । ऐसे में ये यहां से हमारे लिए अवसर बनेगा काउंटर में मजबूती से सिद्ध करने के लिए ।
३ *सिद्धार्थ भटनागर सर ने* बेंच को उसी सुनवाई में विपक्ष की तरफ से आने वाले *जजमेंट्स* का हवाला देते हुए *अपने फेवर के* बिंदु उन जजमेंट्स में जो मौजूद हैं उनको नोट करवा दिया था । ऐसे में विपक्ष का जो भी तर्क रहेगा बेंच साथ ही साथ उन जजमेंट्स के हमारे पूरी तरह Against कंसीडर नहीं कर सकेगी ।
*साथियों आप सबसे आग्रह है सुनवाई सुनिए बिंदु नोट करिए और टीम से साझा करिए । काउंटर और रेजॉइंडर में कोई कोर कसर नहीं छोड़नी है । जैसी छाप बहस में हमने छोड़ी उस मजबूती को बरकरार रखना है ।*
👉✅नम्बर ऑफ मार्क्स की छूट आरक्षण नहीं रिलैक्सेशन है । पुराने मामले का जिक्र करके बता रहे हैं कि सरकार ने कुछ वर्ग को पहले भी परीक्षा देने तक से छूट दी जा चुकी है ।
[06/10, 14:08] null: कालरा सर ने विपक्ष के अधिवक्ताओं की क्रमवार लिस्ट दी । बेंच ने उसी क्रम में बहस का अनुरोध स्वीकार किया।
[06/10, 14:09] null: मनीष गोस्वामी सर ने छाया जजमेंट पर बात रखनी शुरू की । आर्टिकल 37 का रेफरेंस भी रख रहे हैं । ताकि उस आरक्षण मामले पर न्यायिक समीक्षा न हो ।
[06/10, 14:11] null: गोस्वामी सर आर्टिकल 335 पर बात रख रहे हैं ।
[06/10, 14:12] null: बेंच ने कहा इसपर तो कोई डिस्प्यूट नहीं है किसी पक्ष को ।
[06/10, 14:12] null: बेंच ने कहा - सिंपल लिटेरल इंटरप्रेटेशन करिए ।
[06/10, 14:19] null: नम्बर ऑफ मार्क्स की छूट आरक्षण नहीं रिलैक्सेशन है । पुराने मामले का जिक्र करके बता रहे हैं कि सरकार ने कुछ वर्ग को पहले भी परीक्षा देने तक से छूट दी जा चुकी है ।
[06/10, 14:23] null: स्टेट को अधिकार है छूट देने का । आर्टिकल 16 (4) से । - बेंच ने पूछा इसका 3(6) से क्या सम्बंध
[06/10, 14:24] null: बेंच ने कहा- आरक्षण होने का मतलब ये नहीं है कि आरक्षण का दोहराव हो हर चरण में ।
[06/10, 14:29] null: गोस्वामी सर ने कहा 3(6) की भाषा स्पष्ट न है इसलिए दोनों पक्ष अपनी अपनी व्याख्या कर रहे हैं ।
ATRE पास होना सिर्फ गारंटी नहीं देता नौकरी की अन्य परीक्षाओं की भांति । इसका 60% भले है पर 40% अकादमिक भी है ।
[06/10, 14:42] null: बेंच ने ATRE ओवर होने के बाद 65% से कम वालो को उनके आरक्षित वर्ग में ही कंसीडर किया जाना चाहिए सहमत हैं ??
वकील ने कहा नहीं सर ।
वकील ने कहा 3(6) कि ये व्याख्या सही नहीं है ।
बेंच ने कहा क्या ये ओपन एंड शट आंसर नहीं है 3(6) rule 14 ke के साथ चलेगा ??
[06/10, 14:49] null: गोस्वामी सर ने कहा रूल 14 कई बार पढ़ा गया है पर सर हमारे नजरिये से सुन लीजिए क्योंकि वो अधिवक्ता गण सिर्फ अपने पक्ष की बात रख कर गए हैं ।
[06/10, 14:50] null: *Age, फीस, की छूट पर इसको बांधा न जाये इसको GO के साथ जोड़कर पढा जाए और लेजिस्लेचर का इंटेंट देखा जाए ।*
[06/10, 14:50] null: मनीष जी GO 23 मार्च 1994 का जरूर इस बात के लिए मार्क किया जाए ।
*सेक्शन 8 को GO के साथ देखने का अनुरोड़ बेंच से कर रहे हैं ।*
[06/10, 14:53] null: इलस्ट्रेटेड है एक्सहॉस्टेड नहीं ये मेरा सबमिशन है गोस्वामी सर ।
कृपया सेक्शन 8 को GO के साथ ही पढा जाए, अलग से नहीं ।
*जिस कंपाइलेशन पर कामत सर आये थे अचयनित सामान्य वर्ग की तरफ से । उसके बिंदु से GO मार्क करने का आग्रह कर रहे हैं ।*
[06/10, 14:54] null: *बेंच ने कोई क्रॉस टिप्पणी अभी नहीं की है । बेंच नोट कर रही है अधिवक्ता के बिंदु ।*
[06/10, 14:58] null: *बेंच ने कहा इस GO की वैधता ही संदिग्ध लग रही है । गोयल जी इसको स्पष्ट कराएंगे ।*
हम अभी इसे सिर्फ एक पत्र मानेगे शासनादेश नहीं ।
वकील ने कहा पर ये शासनादेश माना गया है ।
*बेंच ने कहा पहले गलती हुई तो हम गलती जारी रखें ये जरूरी नहीं है ।*
[06/10, 15:00] null: *बेंच ने कहा हिंदी वाले ऑर्डर से ये स्पष्ट है कि ये सिर्फ ऑफिस ऑर्डर है । कोई शासनादेश नहीं है ।*
Mr गोयल इसको findout करके बताएंगे ।
*भट्टी सर ने कहा - मेरी जितनी समझ है मैं कार्यालयी भाषा समझता हूं उसमे अनुरोध आग्रह नहीं होता है सीधे करने का आदेश और करने का तरीका बताया जाता है ।*
[06/10, 15:01] null: *बेंच उठ गई है । आज की सुनवाई समाप्त हुई ।*

