टीईटी से राहत, पुरानी पेंशन और केंद्र के समान वेतन के लिए देशभर के शिक्षक हुए एकजुट
लखनऊ: शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर देशभर के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के अधिवेशन में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता से राहत, पुरानी पेंशन बहाली और केंद्र के समान वेतन समेत कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।
ये भी पढ़ें - पितृ विसर्जन के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग
ये भी पढ़ें - दिवाली से पहले राज्यकर्मियों को बोनस, डीए का तोहफा
अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
टीईटी की अनिवार्यता से राहत की मांग
शिक्षकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देशभर में करीब 18 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य हो गया है। ऐसे में शिक्षकों ने सरकार से इस मामले में राहत देने की मांग की।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने टीईटी की अनिवार्यता के कारण नई समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।
पुरानी पेंशन बहाली की मांग
अधिवेशन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली भी प्रमुख मुद्दा रही। शिक्षकों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था जरूरी है।
इसके साथ ही शिक्षकों ने केंद्र सरकार के समान वेतन सहित कई अन्य मांगें भी सरकार के सामने रखीं।
शिक्षकों के हितों की रक्षा प्राथमिकता : डिप्टी सीएम
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनते हुए उनके समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने शिक्षा मंत्रालय से टीएफआई प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं पर जल्द वार्ता कराने और समाधान की दिशा में प्रयास करने का भी आश्वासन दिया।
शिक्षकों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
अधिवेशन में विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इनमें प्रमुख रूप से—
- टीईटी की अनिवार्यता से राहत
- पुरानी पेंशन योजना की बहाली
- केंद्र के समान वेतन की व्यवस्था
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान का अधिकार
- स्कूलों के मर्जर पर रोक
- दिव्यांग शिक्षकों के लिए डीएलएड/बीटीसी उत्तीर्ण आश्रितों को शिक्षक पद पर नियुक्ति का अवसर
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट
- शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना
शिक्षकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
20 लाख रुपये का बीमा और अन्य मांगें भी
अधिवेशन में शिक्षकों ने सभी शिक्षकों को 20 लाख रुपये का बीमा, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने जैसी मांगें भी रखीं।
इसके अलावा शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध तरीके से समाधान करना चाहिए। देशभर के शिक्षक संगठनों की इस एकजुटता को आने वाले समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
.jpeg)
