06 October 2026

विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग में भारी लापरवाही, 15 जिले पोर्टल पर काफी पीछे

 

विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग में भारी लापरवाही, 15 जिले पोर्टल पर काफी पीछे

शिक्षकों की ऑनलाइन वीडियो देखने में भी रुचि कम, विभाग ने डीएम व शिक्षा अधिकारियों को लिखा पत्र


लखनऊ। प्रदेश में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की स्क्रीनिंग और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विकसित प्रशस्त ऐप एवं पोर्टल पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की सक्रियता को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। प्रशस्त पोर्टल पर गाजीपुर समेत प्रदेश के 15 जिलों की प्रगति काफी खराब पाई गई है।

विभाग की ओर से शिक्षकों को इस ऐप के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और स्क्रीनिंग के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन कई शिक्षक इसमें अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं।

10 जागरूकता वीडियो देखना अनिवार्य

पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अब तक 5,74,984 शिक्षक ऐप पर ऑनबोर्ड हुए हैं। इनमें से 4,90,856 शिक्षकों द्वारा ही सभी 10 जागरूकता वीडियो देखे गए हैं।

जिलेवार आंकड़ों में कानपुर 24.1%, सोनभद्र 24.5%, एटा 24.7%, गाजियाबाद 25.1%, गौतम बुद्ध नगर 25.1%, अलीगढ़ 25.5%, लखनऊ 25.6%, हमीरपुर 25.6%, आजमगढ़ 25.7% और संत कबीर नगर 25.8% जैसे जिले सबसे कम संख्या में शिक्षक ऐप पर ऑनबोर्ड होने वाले जिलों में शामिल हैं।

विभाग ने सभी शिक्षकों को ऐप पर ऑनबोर्ड कराने के साथ-साथ सभी 10 जागरूकता वीडियो देखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


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डीएम और शिक्षा अधिकारियों को भेजा पत्र

विभाग की ओर से संबंधित जिलों के डीएम तथा मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर स्थिति में सुधार कराने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी बोर्ड के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को प्रशस्त पोर्टल पर ऑनलाइन वीडियो अनिवार्य रूप से देखने के लिए निर्देशित किया जाए।

इसमें बोर्ड के प्राइवेट एडेड, प्राइवेट अनएडेड और परिषद के विद्यालयों के सभी शिक्षकों को शामिल किया गया है।


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शिक्षकों के लिए क्यों जरूरी है प्रशस्त ऐप?

प्रशस्त ऐप एवं पोर्टल का उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाले विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, स्क्रीनिंग और उनके लिए आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करना है। जागरूकता वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को ऐसे बच्चों की जरूरतों और उनकी पहचान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।

विभाग का मानना है कि शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को समय पर बेहतर सहायता और शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण: यदि आपके विद्यालय में अभी तक प्रशस्त ऐप पर ऑनबोर्डिंग या 10 जागरूकता वीडियो पूरे नहीं किए गए हैं, तो विभागीय निर्देशों के अनुसार इसे जल्द पूरा करना जरूरी है।