06 October 2026

जिले के 99 माध्यमिक व परिषदीय विद्यालयों को नोटिस

 

जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के कार्यों में लापरवाही बरतना जिले के कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों पर भारी पड़ सकता है। तय समयावधि बीत जाने के बाद भी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का विवरण न देने पर विभागीय स्तर पर कड़ा रुख अपनाया गया है। डीआईओएस और बीएसए कार्यालय से कुल 99 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व अध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही निर्धारित प्रारूप में डाटा जमा नहीं कराया गया तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला जनगणना कार्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग कार्यालयों में हलचल तेज हो गई है।


डीआईओएस कार्यालय द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 58 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नोटिस भेजा गया है। वहीं दूसरी ओर बीएसए कार्यालय की ओर से कार्रवाई करते हुए 41 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं सहायक अध्यापकों को नोटिस थमाया गया है। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर नोटिस जारी होने से शिक्षा महकमे में हड़कंप का माहौल है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि आगामी जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के संपादन के लिए बीते 16 नवंबर को ही सभी विद्यालयों से शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा विवरण मांगा गया था। लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी इन विद्यालयों द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसे जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में घोर लापरवाही माना गया है। इसके बाद जनगणना विभाग के निर्देश पर डीआईओएस कार्यालय से माध्यमिक शिक्षा विभाग के 58 स्कूलों को लिखित नोटिस दिया है, जिसमें सभी शिक्षकों और कर्मियों का संपूर्ण डाटा तत्काल प्रभाव से जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के 41 विद्यालयों से भी निर्धारित प्रारूप में सॉफ्ट और हार्ड, दोनों प्रतियों में शिक्षकों का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश है। डीआईओएस हरिकेश यादव ने बताया कि 99 विद्यालयों की सूची हमारे विभाग को प्राप्त हुई है, जिसमें 58 विद्यालयों को हमारी तरफ से नोटिस देकर शिक्षकों व कर्मचारियों का पूर्ण डेटा मांगा गया है। इसी क्रम में बीएसए विभाग के 41 विद्यालयों के नाम भी उसमें शामिल है, जिन्हें बीएसए कार्यालय द्वारा नोटिस भेजे गए हैं।