घर बनाने से पहले ऐसे चेक करें ईंट की क्वालिटी, इन आसान तरीकों से पता करें मजबूती
घर बनवाने से पहले उसमें इस्तेमाल होने वाले Building Materials की Quality Check करना बेहद जरूरी है। क्योंकि, घर की मजबूती और उसकी उम्र काफी हद तक निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इनमें ईंट (Bricks) सबसे महत्वपूर्ण सामग्री में से एक है, जिसका इस्तेमाल दीवारों से लेकर कई अन्य निर्माण कार्यों में किया जाता है।
अगर ईंट की क्वालिटी अच्छी नहीं है, तो इससे घर की मजबूती प्रभावित हो सकती है। इसलिए ईंट खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और मजबूती की जांच जरूर कर लेनी चाहिए। अच्छी ईंटों का चयन करने से न केवल निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि भविष्य में मरम्मत पर होने वाले खर्च को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
ईंट की क्वालिटी चेक करना क्यों जरूरी है?
आमतौर पर घर बनाने के लिए मिट्टी से तैयार की गई लाल ईंटों का इस्तेमाल किया जाता है। इन ईंटों को भट्ठे में पकाकर मजबूत बनाया जाता है। लेकिन, अगर ईंटों को सही तापमान पर नहीं पकाया गया हो, मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो या निर्माण प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई हो, तो ईंटें कमजोर हो सकती हैं।
कमजोर ईंटों का इस्तेमाल करने से दीवारों की मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। ऐसे में ईंट खरीदते समय उसकी बनावट, रंग, आकार और मजबूती पर ध्यान देना जरूरी है।
ईंट की मजबूती जांचने के 2 आसान तरीके
1. दो ईंटों को आपस में टकराकर देखें
ईंट की शुरुआती जांच करने का एक आसान तरीका यह है कि दो ईंटों को उठाकर हल्के से आपस में टकराएं। यदि टकराने पर साफ और खनक जैसी आवाज सुनाई देती है, तो यह अच्छी तरह पकी हुई ईंट होने का संकेत हो सकता है।
वहीं, अगर ईंट से भारी, दबे हुए स्वर जैसी आवाज आती है या ईंट आसानी से टूटने लगती है, तो उसकी गुणवत्ता पर संदेह हो सकता है। हालांकि, केवल आवाज के आधार पर ईंट को पूरी तरह मजबूत या कमजोर घोषित नहीं किया जा सकता।
2. ईंट की गिरने पर टूटने की जांच करें
ईंट की मजबूती का एक सामान्य घरेलू परीक्षण यह भी है कि दो ईंटों को अंग्रेजी के 'T' आकार में रखकर उनकी स्थिति और टूटने की संभावना देखी जाए। कुछ लोग इसके लिए ईंटों को लगभग 3 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिराकर भी जांच करते हैं।
अगर ईंटें गिरने पर छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं, तो यह उनकी कमजोरी का संकेत हो सकता है। लेकिन, इस टेस्ट का परिणाम जमीन की कठोरता, गिरने के तरीके और ईंट की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसलिए केवल इस घरेलू परीक्षण के आधार पर ईंट खरीदने या खारिज करने का फैसला नहीं करना चाहिए।
सावधानी: ईंट गिराकर टेस्ट करते समय आसपास किसी व्यक्ति के खड़े होने से बचें और हाथ-पैर को चोट से सुरक्षित रखें।
ईंट खरीदते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
रंग और पकाई: ईंटों का रंग सामान्यतः एकसमान होना चाहिए। बहुत ज्यादा कच्ची या जली हुई ईंटों की जांच सावधानी से करें।
आकार और बनावट: ईंटों का आकार लगभग समान हो, किनारे स्पष्ट हों और उनमें बड़ी दरारें न हों।
आसानी से टूटना: ईंटों में असामान्य दरारें या टूट-फूट दिखाई देने पर उनकी गुणवत्ता की जांच करवाएं।
पानी का अवशोषण: ईंट कितनी मात्रा में पानी सोखती है, यह उसकी गुणवत्ता का महत्वपूर्ण संकेतक है। इसकी सही जांच निर्धारित मानकों के अनुसार की जानी चाहिए।
मानक के अनुसार जांच: बड़ी मात्रा में ईंट खरीदते समय सप्लायर से गुणवत्ता संबंधी जानकारी लें और जरूरत पड़ने पर मान्यता प्राप्त लैब से टेस्ट करवाएं।
क्या घरेलू टेस्ट से ईंट की असली मजबूती पता चल जाती है?
ईंटों को आपस में टकराकर आवाज सुनना या गिराकर टूटने की जांच करना शुरुआती अनुमान लगाने के तरीके हैं। इनसे ईंट की वास्तविक Compressive Strength यानी दबाव सहने की क्षमता का सटीक पता नहीं चलता।
ईंट की मजबूती और गुणवत्ता की पुष्टि के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार Laboratory Testing कराना अधिक भरोसेमंद तरीका है। इससे ईंट की दबाव सहने की क्षमता और पानी सोखने जैसे महत्वपूर्ण गुणों की जांच की जा सकती है।
अगर आप नया घर बनवाने जा रहे हैं, तो ईंट खरीदते समय केवल उसकी कीमत पर ध्यान न दें। उसकी गुणवत्ता, मजबूती और पकाई की जांच भी जरूर करें। घरेलू तरीकों से शुरुआती जांच की जा सकती है, लेकिन बेहतर और सुरक्षित निर्माण के लिए मानकों के अनुसार गुणवत्ता की पुष्टि करना जरूरी है।
आखिरकार, घर बनाने में निवेश किया गया पैसा तभी सार्थक होगा, जब निर्माण में सही सामग्री का इस्तेमाल किया जाए और काम निर्धारित निर्माण मानकों के अनुसार कराया जाए।

