UP Teacher Promotion: प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची बनाने के निर्देश, 2013 का पत्र फिर चर्चा में
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़ा वर्ष 2013 का एक महत्वपूर्ण पत्र सामने आया है। इसमें प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची तैयार करने तथा शिक्षकों की पात्रता निर्धारित करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से 14 जून 2013 को जारी पत्र में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया स्पष्ट की गई थी। पत्र में वरिष्ठता निर्धारण, नियुक्ति तिथि तथा पदोन्नति के लिए आवश्यक सेवा अवधि से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख है।
वरिष्ठता निर्धारण में किस बात का ध्यान रखा जाए?
पत्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद नियमावली, 1981 (यथासंशोधित) में वरिष्ठता निर्धारण के संबंध में दिए गए प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसमें कहा गया है कि किसी संवर्ग में नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित करते समय उनकी मौलिक नियुक्ति की तिथि को ध्यान में रखा जाएगा। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वरिष्ठता सूची तैयार करते समय संबंधित नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है।
नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठता
पत्र में निर्देश दिया गया है कि वरिष्ठता सूची तैयार करते समय शिक्षकों की मौलिक नियुक्ति की तिथि को आधार बनाया जाए। साथ ही, भूतलक्षी प्रभाव से नियुक्ति या अन्य विशेष परिस्थितियों में संबंधित नियमों के अनुसार वरिष्ठता निर्धारित करने की बात कही गई है।
इसका उद्देश्य वरिष्ठता सूची तैयार करते समय किसी प्रकार की विसंगति से बचना और पात्र शिक्षकों के मामलों पर नियमानुसार विचार करना है।
प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए सेवा अवधि
पत्र में पदोन्नति की पात्रता के संबंध में सेवा अवधि का भी उल्लेख किया गया है। इसमें संबंधित पदों पर न्यूनतम तीन वर्ष की सेवा पूर्ण करने की शर्त का संदर्भ दिया गया है।
हालांकि, इस शर्त को वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया पर लागू करने से पहले संबंधित पद, संवर्ग, नियमावली के नवीनतम संशोधन और वर्तमान विभागीय निर्देशों का मिलान करना आवश्यक है।
शिक्षकों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?
इस पत्र से स्पष्ट होता है कि प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची तैयार करते समय नियुक्ति तिथि, संवर्ग और निर्धारित सेवा अवधि जैसे पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है।
वर्तमान में पदोन्नति की प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों को अपनी वरिष्ठता, मौलिक नियुक्ति तिथि और सेवा संबंधी अभिलेखों की जांच करनी चाहिए। किसी विसंगति की स्थिति में संबंधित विभागीय अधिकारी के समक्ष नियमानुसार प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण नोट: यह पत्र 14 जून 2013 का है। इसे वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया के लिए स्वतः लागू नया आदेश न माना जाए। अंतिम निर्णय संबंधित नियमावली, उसके संशोधनों तथा वर्तमान विभागीय निर्देशों के आधार पर होगा।

