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31 October 2026

UP News: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज, शासनादेश जारी

 

UP News: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज, शासनादेश जारी

शासनादेश जारी
UP Basic Education

उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब शिक्षकों और अन्य पात्र कर्मचारियों की तरह शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। शासन की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

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हाल ही में कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

प्रकाशित समाचार रिपोर्ट के अनुसार, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के विभिन्न संस्थानों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इस सुविधा के दायरे में शामिल किया गया है।

बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत:

  • अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूल के कर्मचारी।

  • वित्तविहीन विद्यालयों के पात्र कर्मचारी।

  • समग्र शिक्षा परियोजना के कर्मचारी।

  • सेवा प्रदाता के माध्यम से तैनात पात्र कर्मचारी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत:

  • एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारी।

  • वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के पात्र कर्मचारी।

  • एडेड संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के कर्मचारी।

  • संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारी।

  • समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के राज्य एवं जिला परियोजना कार्यालयों के कर्मचारी।

  • बालिका छात्रावासों में सेवा प्रदाता के माध्यम से तैनात पात्र कर्मचारी।

प्रति कर्मचारी सालाना करीब 3000 रुपये का प्रीमियम

इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के उपचार पर प्रति कर्मचारी सालाना लगभग 3000 रुपये का प्रीमियम खर्च होगा। इसका भुगतान संबंधित विभाग की ओर से किया जाएगा।

इससे कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी से राहत मिलेगी और उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा इलाज

योजना के तहत कर्मचारी सरकारी अस्पतालों के साथ साचीज (SACHIS) से जुड़े निजी अस्पतालों में भी भर्ती होकर कैशलेस इलाज करा सकेंगे।

उपचार की दरें आयुष्मान भारत योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी।

अधिकारियों को जारी हुए निर्देश

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी को योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

इसके तहत प्रत्येक वर्ष 30 जून तक पात्र कर्मचारियों का विवरण तैयार कर साचीज को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।

पहले इन कर्मचारियों को मिल रही थी सुविधा

गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों और उनके आश्रितों को फरवरी माह से कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। वहीं बेसिक शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों और रसोइयों को भी पहले से इस योजना का लाभ मिल रहा है।

अब शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शामिल किए जाने से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।


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