‘प्रशस्त 2.0’ ऐप पर निर्धारित संवेदीकरण वीडियो अभी तक नहीं देखने वाले 429 परिषदीय अध्यापकों को वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है।
बीएसए अनिल कुमार ने छह नवंबर के पत्र में लिखा है कि कई पत्रों और राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशों के बावजूद स्थिति असंतोषजनक है। प्रशस्त पोर्टल की छह नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के परिषदीय विद्यालयों के 429 अध्यापक अभी भी वीडियो देखने से वंचित हैं। इनमें से कुछ का स्टेटस ‘पेंडिंग’ और कुछ का ‘इन-प्रोसेस’ है।
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नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अगर निर्धारित तिथि तक वीडियो नहीं देखने वाले अध्यापक का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इसके बाद भी रुचि नहीं ली गई तो इसे नियोक्ता के आदेश की अवहेलना मान दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस में बहादुरपुर, बहरिया, भगवतपुर, झूंसी, कोरांव, मांडा, फूलपुर, प्रतापपुर, सहसों, सैदाबाद, शंकरगढ़, सोरांव, शृंग्वेरपुर और उरुवा सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यापकों की सूची शामिल है। सभी निजी सहायता प्राप्त, वित्तविहीन स्कूल के प्रबंधकों को सभी शिक्षकों से वीडियो दिखवाने के निर्देश दिए हैं।

