बरेली, स्कूलों में अब विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनकी सेहत और शारीरिक क्षमता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) ने बच्चों के संपूर्ण विकास को बढ़ावा देने के लिए एक्टिव सीआईएससीई कार्यक्रम शुरू किया है। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार इस पहल को नए शैक्षिक सत्र से सभी संबद्ध स्कूलों में लागू किया जाएगा। इसके तहत कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
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कार्यक्रम में बच्चों की उम्र और कक्षा के अनुसार फिटनेस की जांच की जाएगी। कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों की बुनियादी शारीरिक गतिविधियों, वस्तुओं पर नियंत्रण और शरीर का संतुलन बनाने की क्षमता परखी जाएगी। वहीं, कक्षा चार से 12वीं तक के विद्यार्थियों की गति, फुर्ती, लचीलापन, मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति और शरीर की बनावट का आकलन किया जाएगा। जांच के बाद प्रत्येक विद्यार्थी को व्यक्तिगत फिटनेस रिपोर्ट कार्ड मिलेगा। इसमें शुरुआती फिटनेस स्कोर के साथ सालाना प्रगति दर्ज होगी। खानपान, नींद, मोबाइल इस्तेमाल और खेल प्रतिभा से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जाएगी। अभिभावक पोर्टल के माध्यम से बच्चे की रिपोर्ट देख सकेंगे। स्कूलों को प्रति विद्यार्थी सालाना 100 रुपये शुल्क देना होगा।

