अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के 17735 पदों पर भर्ती से बाहर किए गए राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इग्नू, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, अवध, पूर्वांचल सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से एकल विषय प्रमाणपत्र एवं समकक्ष स्नातक डिग्री/योग्यता प्राप्त अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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अभ्यर्थियों ने शासन, प्रशासन एवं विश्वविद्यालयों के समक्ष ज्ञापन देकर अपनी योग्यता को मान्यता और भर्ती में आवेदन का अवसर देने की मांग की। सारी कोशिशें बेकार होने के बाद अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका की है। अब 13 नवंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है।
विषय संयोजन एवं अर्हता संबंधी नियमों को स्पष्ट करें : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी टीजीटी भर्ती में अभ्यर्थियों को लगातार तकनीकी एवं शैक्षणिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि एकल विषय से संबंधित अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाए, विषय संयोजन एवं अर्हता संबंधी नियमों को लिखित रूप में जारी किया जाए, 50 प्रतिशत अर्हता एवं पांच प्रतिशत की छूट से संबंधित विसंगतियों का समाधान किया जाए। बेरोजगारों ने 12 नवंबर को चयन आयोग पहुंचकर अपनी बात रखने का निर्णय लिया है।

