दीपावली से पहले राज्य सरकार ने शनिवार को कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत (डीआरए) की बढ़ी दर घोषित कर दी है। कर्मियों और पेंशनधारकों को अब 60% की बजाए 63% डीए और डीआरए मिलेगा। डीए और डीआरए में 3 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की ये दरें एक जुलाई से प्रभावी होंगी। इस आदेश का लाभ तकरीबन 28 लाख कर्मियों और पेंशन धारकों को मिलेगा। नवंबर के वेतन के साथ बढ़े डीए और डीआरए का लाभ मिलेगा। शासनादेश के अनुसार, 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़े हुए महंगाई भत्ते के एरियर के भुगतान के लिए अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए व्यवस्था निर्धारित की गई है। सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से जुड़े कर्मचारियों के एरियर की राशि आयकर और सरचार्ज की कटौती के बाद निर्धारित सीमा के अंतर्गत उनके भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। यह राशि 1 नवंबर 2027 तक खाते में जमा रहेगी। विशेष परिस्थितियों में अंतिम प्रत्याहरण के नियम लागू होंगे।
सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पूरा एरियर नकद
सरकार ने सेवानिवृत्त और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को विशेष राहत दी है। शासनादेश जारी होने से पहले जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, जो 1 जुलाई 2026 से शासनादेश जारी होने की तारीख के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं अथवा अगले छह महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते के बकाये की पूरी धनराशि नकद दी जाएगी।
आदेश के दायरे में सभी पूर्णकालिक नियमित राज्य कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं शहरी निकायों के नियमित व पूर्णकालिक कर्मचारियों व यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत पदधारकों औरआ पेंशनधारकों को मिलेगा। वित्त विभाग के मुताबिक 1 जुलाई से 31 अक्तूबर तक देय डीए की राशि आयकर और सरचार्ज की कटौती के बाद अफसरों व कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा होगी। ऐसे भविष्य निधि खाते, जिनमें अंतिम प्रत्याहरण देय हो जाए, उस तिथि से पहले नहीं निकाला जा सकेगा। अगर कोई भविष्य निधि खाते का सदस्य नहीं है तो राशि उसके पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में जमा होगी या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के रूप में दी जाएगी। जिस अंश का सर्टिफिकेट न हो, उसे नगद दिया जाएगा।
एनपीएस कर्मचारियों के लिए भी निर्धारित हुआ लाभ
राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से आच्छादित कर्मचारियों के मामले में एरियर की 10 प्रतिशत राशि उनके टियर-1 पेंशन खाते में जमा की जाएगी। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार नियोक्ता के रूप में एरियर की 14 प्रतिशत राशि के बराबर अंशदान भी टियर-1 खाते में जमा करेगी। शेष 90 प्रतिशत राशि पीपीएफ खाते में जमा कराई जाएगी अथवा एनएससी के रूप में दी जाएगी। एनएससी उपलब्ध न होने की स्थिति में संबंधित राशि नकद प्रदान की जाएगी।

