UP News: जिले के 6200 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की होगी जांच, STF को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
बहराइच में बेसिक शिक्षा विभाग की सख्ती, शिक्षकों को 15 दिन में जमा करने होंगे शैक्षिक दस्तावेज और दो नोटरी शपथ पत्र; हाईस्कूल से टीईटी तक होगी अभिलेखों की जांच।
बहराइच। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन को लेकर एक बार फिर सख्ती शुरू हो गई है। जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब 6200 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के माध्यम से कराई जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दस्तावेज एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विभाग की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख 15 दिनों के भीतर कार्यालय में जमा कराएं। शिक्षकों को अभिलेखों के साथ दो नोटरी शपथ पत्र भी देना अनिवार्य किया गया है।
हाईस्कूल से टीईटी तक के प्रमाणपत्रों की होगी जांच
जांच के दायरे में शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, परास्नातक, प्रशिक्षण योग्यता और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से संबंधित प्रमाणपत्र शामिल होंगे।
बीएसए कार्यालय में जमा होने वाले दस्तावेज शासन के माध्यम से STF को भेजे जाएंगे। इसके बाद STF संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों से सीधे प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराएगी।
15 दिन में जमा करने होंगे दस्तावेज
बेसिक शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी शिक्षकों से निर्धारित समय सीमा में शैक्षिक अभिलेख प्राप्त कर कार्यालय में जमा कराएं। इसके साथ दो नोटरी शपथ पत्र भी अनिवार्य किए गए हैं।
इस सूचना के बाद जिले के शिक्षकों में अभिलेख सत्यापन को लेकर हलचल तेज हो गई है।
जिले में 2803 परिषदीय विद्यालय, पांच लाख विद्यार्थी पंजीकृत
समाचार के अनुसार जिले में कुल 2803 बेसिक स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग पांच लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए करीब 6200 शिक्षकों की तैनाती है। अब इन सभी शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया जाएगा।
फर्जी प्रमाणपत्र मिलने पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई
जिले में पहले भी फर्जी अंकपत्र और जाली टीईटी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए विभाग इस बार अभिलेखों का व्यापक सत्यापन कराने की तैयारी में है।
यदि जांच में किसी शिक्षक के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध सेवा समाप्ति, एफआईआर और वेतन की वसूली जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षकों के लिए जरूरी सूचना: सभी शिक्षक अपने हाईस्कूल से लेकर टीईटी तक के शैक्षिक प्रमाणपत्र, अंकपत्र और अन्य आवश्यक अभिलेख व्यवस्थित रखें। विभागीय निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज जमा करना सुनिश्चित करें।
