शिक्षक भर्ती नहीं तो वोट नहीं, सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप:- प्रतियोगी छात्रों का हल्लाबोल

डीएलएड-बीटीसी की ट्रेनिंग पूरी कर चुके अभ्यर्थियों ने भर्ती की मांग को लेकर सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय गेट के बाहर प्रदर्शन किया।

डीएलएड-बीटीसी की ट्रेनिंग पूरी कर चुके प्रतियोगी छात्रों ने भर्ती की मांग को लेकर सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय गेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथों में झंडा-बैनर लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन नहीं निकाला गया तो वे चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयाेग नहीं करेंगे।



प्रतियोगी छात्रों सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय गेट के पास से परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय तक हाथों में झंडा-बैनर लिये मार्च निकाला। - Dainik Bhaskar
प्रतियोगी छात्रों सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय गेट के पास से परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय तक हाथों में झंडा-बैनर लिये मार्च निकाला।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

बीटीसी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रजत सिंह प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। छात्रों के मुताबिक सरकार ने वादा किया था कि हर साल भर्ती करेंगे। 69000 भर्ती पूरी होने के बाद नई भर्ती निकालेंगे लेकिन अभी तक कोई भर्ती नहीं निकाली गई। सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया।

प्रतियोगी छात्रों ने दी चेतावनी

छात्रों ने चेतावनी दी कि सरकार ने यदि बेरोजगारों को नौकरी नहीं दी तो वे विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे। वे पूरी तरह से चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांगे

सरकार अपने किए गए वादों को पूरा करें और बेसिक शिक्षा विभाग में नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करें।
आगामी भर्ती में शिक्षामित्रों को एक और मौका मिल रहा है इसलिए 68500 की बची हुई सीटों को नई भर्ती में अवश्य जोड़ा जाए।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 170000 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं।