परिषदीय स्कूलों में बच्चों के रिकार्ड दाखिले, 15 फीसदी नए दाखिले

lucknow: मुफ्त पुस्तकें और भोजन के साथ अब बच्चों की यूनीफार्म के 1200 रुपये खाते में आने से अभिभावकों का रुख परिषदीय स्कूलों की तरफ बढ़ रहा है। बहुत से अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर प्राइमरी स्कूलों में दाखिल करा रहे हैं। यही वजह है कि लखनऊ में इस साल बच्चों के रिकार्ड दाखिले हुए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2022-23 में तय लक्ष्य 43747 बच्चों के मुकाबले करीब 50 हजार बच्चों के दाखिले हो चुके हैं। राजधानी के 1619 प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में बच्चों की संख्या दो लाख के पार पहुंच गई है।

सरकार इससे पहले स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता रैली निकालती थी। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने समेत कई अभियान चलाते थे लेकिन बच्चों की संख्या नहीं बढ़ी। अब यूनीफार्म के रुपये सीधे खाते में आने से अभिभावकों का परिषदीय स्कूलों के प्रति रुझान बढ़ रहा है। यूनीफार्म की खरीद फरोख्त में होने वाली कमीशनखोरी पर अंकुश लगाने के मकसद से सरकार ने वर्ष 2021 में शिक्षकों द्वारा यूनीफार्म खरीदने का अधिकारी छीन लिया। जानकारी के अनुसार सरकार ने यूनीफार्म के रुपये अभिभावकों के खाते में भेजने शुरू कर दिए।



अगले माह यूनीफार्म के 1200 रुपये अभिभावकों के खाते में भेजे जाएंगे। नए बच्चों के आधार का सत्यापन का काम चल रहा है। बीईओ को निर्देश हैं कि जिन के आधार नहीं हैं, वे 31 जुलाई तक आधार बनवा कर सत्यापन करा लें।
अरुण कुमार, बीएसए

15 फीसदी नए दाखिले
बीकेटी जूनियर स्कूल के शिक्षक बताते हैं कि15 फीसदी बच्चे बढ़े हैं। कई बच्चे निजी स्कूलों से आए हैं। प्राइमरी में दाखिले की उम्र छह से पांच वर्ष करने से भी असर पड़ा है।

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