नई दिल्ली, वि.सं.। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को कहा है कि वे एमबीबीएस छात्रों से पूरे कोर्स की अवधि यानी साढ़े पांच साल की फीस नहीं वसूल सकते हैं।
आयोग की तरफ से सात अप्रैल को जारी आदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है । एनएमसी ने कहा कि शिकायतें मिली हैं कि कई कॉलेज छात्रों से साढ़े पांच साल की फीस ले रहे हैं। एमबीबीएस कोर्स की अवधि हालांकि साढ़े पांच साल है, लेकिन इसमें अध्ययन कार्य साढ़े चार साल का होता है। छात्रों की एक साल की इंटर्नशिप होती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मेडिकल कॉलेज सिर्फ साढ़े चार साल की फीस लेने के हकदार हैं। जबकि, इंटर्नशिप के दौरान कॉलेजों को छात्रों को भुगतान करना होता है। एनएमसी ने सभी मेडिकल कॉलेजों को आगाह किया है कि वे सिर्फ साढ़े चार साल की ही फीस छात्रों से लें।

