। यूपी में अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) व राजकीय माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर की पढ़ाई को छात्र तरस रहे हैं। एडेड माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर हैं और कोर्स चलाने की मान्यता भी है लेकिन शिक्षक भर्ती नहीं हुए। वहीं राजकीय माध्यमिक स्कूलों में कुछ प्राचार्य अपने स्तर से जुगाड़ कर जैसे-तैसे पढ़ाई करा रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग अब स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कोर्स पढ़ाने पर जोर दे रहा है। विद्यालयों को इसके निर्देश भी दिए गए हैं लेकिन अभी तक स्कूलों में छात्र कंप्यूटर शिक्षा का ही ककहरा नहीं पढ़ पाएं हैं तो एआई कैसे पढ़ेंगे। यूपी में 4512 एडेड माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। यहां पर यूपी बोर्ड हाईस्कूल के छात्र विषय का चयन कर सकते हैं लेकिन शिक्षक न होने से वह इसे नहीं पढ़ पा रहे। विभाग ने संविदा पर भी शिक्षक भर्ती नहीं हो पाए। करीब 16 साल से करीब सभी स्कूलों में 10-10 कंप्यूटर का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। अगर शिक्षक हों तो एडेड माध्यमिक स्कूल इंटरमीडिएट में भी यह कोर्स पढ़ाने की मान्यता ले लें लेकिन हाईस्कूल में ही इसे पढ़ाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
1450 स्कूलों में कंप्यूटर तो अाए लेकिन शिक्षक नहीं हैं
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा कहते हैं कि कंप्यूटर शिक्षा देने में ही सरकारी माध्यमिक स्कूल लाचार हैं। शिक्षक न होने से पढ़ाई नहीं हो पा रही। राजकीय शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश के संरक्षक रामेश्वर प्रसाद पांडेय कहते हैं कि करीब 1450 राजकीय माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर तो विभाग की ओर से दे दिए गए लेकिन शिक्षक भर्ती नहीं हो पाए। ऐसे में राजकीय माध्यमिक स्कूलों में प्राचार्यों ने अपने स्तर पर पहल कर अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) के खाते व छात्रों की मदद से कंप्यूटर की पढ़ाई का जुगाड़ कर रखा है। उन्होंने अपने स्तर पर कंप्यूटर पढ़ाने के लिए पार्ट टाइम शिक्षक रखे हैं लेकिन वह भी पूरी तरह योग्य नहीं हैं।

