69000 शिक्षक भर्ती मामला: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद 8 सितंबर की तारीख तय, 142 के विकल्प पर फिलहाल फैसला नहीं
नई दिल्ली। 69,000 शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामला न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ के समक्ष आइटम नंबर 14 पर सूचीबद्ध था। सुनवाई के दौरान विभिन्न पक्षों की दलीलें और पूर्व में दाखिल सहमति संबंधी दस्तावेजों को कोर्ट के सामने रखा गया।
सुनवाई के दौरान 142 के इस्तेमाल के विकल्प को लेकर भी पक्षों की ओर से अपनी-अपनी बातें रखी गईं। हालांकि, कोर्ट ने इस स्तर पर किसी एक पक्ष के सुझाव के आधार पर आगे बढ़ने के बजाय सभी संबंधित पक्षों को सुनने की बात कही।
नोडल अधिवक्ता ने रखे पुराने रिकॉर्ड
सुनवाई के दौरान नोडल अधिवक्ता कालरा जी ने पीठ के समक्ष मामले से संबंधित कंपाइलेशन और पूर्व की सुनवाइयों के रिकॉर्ड के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी और वर्ष 2020 तक नियुक्तियां की गई थीं।
पीठ के समक्ष पिछली सुनवाई में रखे गए प्रस्तावों और मुख्य याचिका के साथ दाखिल दस्तावेजों को भी साझा किया गया। इनमें आवेदन संख्या 142 से संबंधित सहमति वाले दस्तावेज भी शामिल थे।
नोडल काउंसिल की ओर से बताया गया कि कुल याचिकाओं में से 39 पक्षों ने सहमति दी थी, जिसका रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है। कोर्ट ने इस रिकॉर्ड को सरकार के AOR गोयल जी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
142 के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग पक्षों की दलील
सुनवाई के दौरान कुछ पक्षों की ओर से कहा गया कि यदि आवेदन 142 के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाता है, तो उसका लाभ संबंधित सभी पात्र वर्गों को मिलना चाहिए। EWS और सामान्य चयनित/अचयनित वर्ग से जुड़े अधिवक्ताओं ने भी अपने-अपने पक्ष कोर्ट के सामने रखे।
इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि वह मामले से जुड़े सभी पक्षों से अवगत है और सभी पक्षों को सुनने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
सरकार करेगी पक्षों का वर्गीकरण
सुनवाई के दौरान पीठ की ओर से कहा गया कि मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों का वर्गीकरण सरकार की ओर से किया जाए, क्योंकि सभी पक्षों की स्थिति और दावों को सरकार बेहतर तरीके से वर्गीकृत कर सकती है।
सरकार के AOR गोयल जी को उपलब्ध कराए गए टिप्पणियों और रिकॉर्ड के आधार पर वर्गीकरण तैयार करने की बात कही गई। इसके बाद वर्गीकरण सूची कोर्ट मास्टर को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मामलों को संबंधित समूहों के आधार पर सूचीबद्ध किया जा सके।
8 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
सरकार की ओर से अनुरोध किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 8 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि आगे किसी भी पक्ष के अनुरोध पर अनावश्यक रूप से नई तारीख नहीं दी जाएगी और जो पक्ष उपस्थित रहेंगे, उन्हें सुनने के बाद मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।
सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा कि यदि मामले की विस्तृत सुनवाई करनी पड़ी तो इसे लगातार तीन दिनों तक सुना जा सकता है।
अब आगे क्या होगा?
अब 8 सितंबर की सुनवाई से पहले सरकार की ओर से संबंधित पक्षों का वर्गीकरण तैयार किया जाएगा। वर्गीकरण सूची सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी, ताकि किसी पक्ष की ओर से सूचना न मिलने की आपत्ति न उठाई जा सके।
महत्वपूर्ण: 11 अगस्त की सुनवाई के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि 69,000 भर्ती मामले का समाधान आवेदन 142 के माध्यम से ही होगा या मामले की मेरिट पर विस्तृत सुनवाई होगी। इस संबंध में अंतिम स्थिति अगली सुनवाई और कोर्ट के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
अगली सुनवाई: 8 सितंबर 2026
यह अपडेट उपलब्ध कराए गए कोर्टरूम अपडेट/पक्षकारों की जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसे सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश का विकल्प न माना जाए।

