11 August 2026

Ayushman Card Treatment Guide: आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये 4 जरूरी बातें

 

Ayushman Card Treatment Guide: आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये 4 जरूरी बातें

Ayushman Card Treatment Guide: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। यह कवर मुख्य रूप से secondary और tertiary care hospitalization के लिए है और सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराता है।

हालांकि, आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को लेकर कई लोगों को जानकारी का अभाव रहता है। अस्पताल जाने से पहले कुछ जरूरी बातों की जानकारी होने से मरीज और उसके परिवार को प्रक्रिया समझने में आसानी हो सकती है।

अगर आप भी आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 4 जरूरी बातों का ध्यान रखें।

1. सबसे पहले चेक करें कि अस्पताल सूचीबद्ध है या नहीं

आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज के लिए अस्पताल का PM-JAY के अंतर्गत empanelled (सूचीबद्ध) होना जरूरी है। इसलिए इलाज के लिए अस्पताल जाने से पहले यह जानकारी जरूर जांच लें कि संबंधित अस्पताल योजना के तहत सेवाएं दे रहा है या नहीं।

सरकारी पोर्टल या उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों से अपने आसपास के सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को देशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों में पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी उपलब्ध है।

क्या करें: अस्पताल जाने से पहले उसके PM-JAY के तहत सूचीबद्ध होने और संबंधित बीमारी/इलाज के लिए पैकेज उपलब्ध होने की जानकारी ले लें।

2. आयुष्मान कार्ड और जरूरी पहचान दस्तावेज साथ रखें

अस्पताल जाते समय अपना आयुष्मान कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज साथ रखना बेहतर है। लाभार्थी की पहचान और e-KYC/वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अस्पताल में पूरी की जाती है।

आधिकारिक प्रक्रिया में लाभार्थी की पहचान सत्यापित करने के लिए Aadhaar सहित उपलब्ध पहचान माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। आपात स्थिति में पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध न होने पर भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपचार शुरू किया जा सकता है और बाद में आवश्यक सत्यापन पूरा किया जाता है।

क्या करें: आयुष्मान कार्ड के साथ Aadhaar और अन्य उपलब्ध पहचान दस्तावेज सुरक्षित रूप से साथ रखें।

3. अस्पताल पहुंचते ही आयुष्मान डेस्क से संपर्क करें

PM-JAY के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभार्थियों की सहायता और योजना से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए संबंधित अस्पताल का Ayushman/Pradhan Mantri Arogya Mitra या अधिकृत हेल्पडेस्क मदद करता है।

अस्पताल पहुंचने के बाद सामान्य बिलिंग काउंटर के बजाय पहले आयुष्मान से जुड़े हेल्पडेस्क पर जाकर अपनी पात्रता, भर्ती प्रक्रिया और उपचार से संबंधित जानकारी लें।

क्या करें: अपनी बीमारी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार योजना में उपलब्ध उपचार पैकेज की जानकारी पहले ही स्पष्ट कर लें।

4. इलाज किस पैकेज में कवर है, इसकी जानकारी लें

अस्पताल में भर्ती होने से पहले यह पूछना उपयोगी है कि आपका उपचार किस PM-JAY हेल्थ बेनिफिट पैकेज के अंतर्गत किया जा रहा है। योजना में अलग-अलग उपचार और प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित पैकेज होते हैं।

PM-JAY के तहत कवर होने वाली सेवाएं पैकेज और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होती हैं। इसलिए अस्पताल से यह स्पष्ट जानकारी लेना बेहतर है कि प्रस्तावित उपचार में कौन-कौन सी सेवाएं शामिल हैं और मरीज को किन परिस्थितियों में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।

क्या करें: भर्ती होने से पहले पैकेज, उपचार, जांच, दवाइयों और अन्य संबंधित सुविधाओं की कवरेज के बारे में अस्पताल के अधिकृत आयुष्मान डेस्क से जानकारी लें।

इलाज के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान

  • अस्पताल PM-JAY के तहत सूचीबद्ध है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।

  • किसी भी भुगतान की मांग होने पर उसका कारण और विवरण जरूर पूछें।

  • उपचार से जुड़े दस्तावेज और डिस्चार्ज पेपर सुरक्षित रखें।

  • किसी समस्या या शिकायत की स्थिति में अधिकृत हेल्पडेस्क/शिकायत निवारण व्यवस्था का इस्तेमाल करें।

  • योजना से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

ध्यान रखें: ₹5 लाख का मतलब हर इलाज मुफ्त होना नहीं है

आयुष्मान भारत PM-JAY में पात्र परिवार को ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलता है, लेकिन इसका इस्तेमाल योजना के अंतर्गत आने वाले उपचार और निर्धारित पैकेजों के अनुसार होता है। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका इलाज योजना के तहत किस पैकेज में कवर हो रहा है।

निष्कर्ष: आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने से पहले अस्पताल की सूचीबद्धता, पहचान सत्यापन, आयुष्मान हेल्पडेस्क और उपचार पैकेज की जानकारी जरूर जांच लें। सही जानकारी होने से अस्पताल की प्रक्रिया को समझने और अनावश्यक परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।