Yoga Tips: योग करते समय न करें ये 6 गलतियां, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
Yoga Tips: आजकल फिट और एक्टिव रहने के लिए बड़ी संख्या में लोग योग को अपनी Daily Routine का हिस्सा बना रहे हैं। तनाव कम करने, शरीर को लचीला बनाए रखने, बेहतर पोस्चर और सामान्य फिटनेस के लिए योग को उपयोगी माना जाता है। हालांकि, योग का फायदा तभी बेहतर तरीके से मिल सकता है जब इसे सही तकनीक और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार किया जाए।
कई लोग जल्दी परिणाम पाने के चक्कर में शरीर को जरूरत से ज्यादा स्ट्रेच करने लगते हैं, बिना वार्म-अप के कठिन आसन शुरू कर देते हैं या सोशल मीडिया पर देखकर मुश्किल योगासन करने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग आसन के दौरान सांस रोक लेते हैं तो कुछ दर्द होने के बावजूद अभ्यास जारी रखते हैं।
योग एक धीमी, नियंत्रित और जागरूक गतिविधि है। इसमें शरीर की मुद्रा, सांस और अपनी क्षमता के बीच संतुलन महत्वपूर्ण होता है। इसलिए योग करते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना जरूरी है।
1. बिना वार्म-अप सीधे कठिन आसन करना
कई लोग योग मैट बिछाते ही कठिन आसन या स्ट्रेचिंग शुरू कर देते हैं। खासकर शुरुआती लोगों के लिए यह तरीका सही नहीं है। शरीर को अभ्यास के लिए तैयार करने के लिए शुरुआत में कुछ हल्के मूवमेंट और आसान गतिविधियां करना बेहतर होता है।
क्या करें: गर्दन, कंधे, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों को हल्के मूवमेंट से तैयार करें। इसके बाद आसान आसनों से शुरुआत करते हुए धीरे-धीरे अभ्यास की तीव्रता बढ़ाएं।
2. शरीर को जरूरत से ज्यादा स्ट्रेच करना
योग में लचीलापन महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन हर आसन में शरीर को उसकी अधिकतम सीमा तक खींचना जरूरी नहीं है। कई शुरुआती लोग दूसरों को देखकर खुद को उसी मुद्रा में लाने की कोशिश करते हैं, जिससे शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
योग में जितना ज्यादा स्ट्रेच, उतना ज्यादा फायदा वाला नियम लागू नहीं होता।
क्या करें: शरीर जहां तक सहजता से जा रहा है, वहीं तक आसन करें। नियमित अभ्यास के साथ धीरे-धीरे अपनी क्षमता और लचीलेपन को विकसित करें।
3. सांस लेने के तरीके को नजरअंदाज करना
योग में सांस पर ध्यान देना अभ्यास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन कठिन मुद्रा में पहुंचते ही कई लोग अनजाने में सांस रोक लेते हैं या बहुत तेजी से सांस लेने लगते हैं।
क्या करें: जिस योगासन या योग पद्धति का अभ्यास कर रहे हैं, उसमें सांस लेने की सही तकनीक प्रशिक्षित योग शिक्षक से सीखें। अभ्यास के दौरान सांस को सहज और नियंत्रित रखने की कोशिश करें।
4. गलत पोस्चर में योगासन करना
किसी योगासन का नाम जानना और उसे सही तरीके से करना अलग-अलग बातें हैं। हाथ, पैर, गर्दन, रीढ़ या कूल्हों की स्थिति गलत होने पर आसन की तकनीक प्रभावित हो सकती है।
सोशल मीडिया वीडियो देखकर बिना सही तकनीक समझे किसी कठिन आसन को कॉपी करना इसलिए उचित नहीं है।
क्या करें: शुरुआत में प्रशिक्षित योग शिक्षक से बेसिक पोस्चर और आसनों की सही तकनीक सीखें। जरूरत के अनुसार योग ब्लॉक, स्ट्रैप या अन्य सहायता का इस्तेमाल प्रशिक्षक की सलाह से किया जा सकता है।
5. दर्द होने के बावजूद योग करते रहना
योग के दौरान हल्का खिंचाव और तेज या असहनीय दर्द एक जैसी चीजें नहीं हैं। यदि किसी आसन के दौरान तेज दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या अचानक असहजता महसूस हो तो अभ्यास जारी नहीं रखना चाहिए।
क्या करें: तुरंत आसन से बाहर आएं और आराम करें। समस्या बार-बार होने पर योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ या प्रशिक्षित योग शिक्षक से सलाह लें।
खासकर चोट, हाल में हुई सर्जरी, गर्भावस्था या किसी पुरानी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग अभ्यास शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
6. शुरुआत में ही कठिन आसन करने की कोशिश
सोशल मीडिया पर शीर्षासन, हैंडस्टैंड या बेहद लचीले योगासनों के वीडियो देखकर कई लोग उन्हें तुरंत करने की कोशिश करते हैं। लेकिन कठिन आसनों के लिए पर्याप्त ताकत, संतुलन, तकनीक और तैयारी की जरूरत होती है।
क्या करें: पहले बेसिक आसनों और शरीर की बुनियादी क्षमता पर काम करें। कठिन आसनों को उचित तैयारी और प्रशिक्षित शिक्षक की निगरानी में ही सीखें।
योग में सबसे जरूरी है अपनी क्षमता को समझना
योग का उद्देश्य केवल कठिन से कठिन आसन करना नहीं है। सही तकनीक, नियंत्रित सांस, नियमित अभ्यास और अपनी शारीरिक क्षमता को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है। किसी दूसरे व्यक्ति की Flexibility या योग क्षमता को देखकर खुद पर वैसा ही प्रदर्शन करने का दबाव नहीं डालना चाहिए।
यदि योग करते समय लगातार दर्द या कोई असामान्य परेशानी महसूस हो तो अभ्यास रोककर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

