11 August 2026

मुफ्त स्कूटी योजना: पाठ्यक्रम में विद्यार्थी कम हुए तो भी एक मेधावी छात्रा को मिलेगी स्कूटी

 

यूपी में विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में ऐसे पाठ्यक्रम जिसमें बहुत कम विद्यार्थी हैं, उसमें भी न्यूनतम एक मेधावी छात्रा को स्कूटी दी जाएगी। विभिन्न पाठयक्रमों में टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी मिलेगी। कुछ पाठ्यक्रमों में टॉप पांच प्रतिशत निकालने पर एक से कम संख्या आ रही है। ऐसे में कम से कम एक छात्रा को स्कूटी मिलेगी।



उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों से मेधावी छात्राओं के संबंध में जानकारी मांगी गई है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाकर स्नातक पास करने वाली मेधावी छात्राओं के परीक्षा परिणाम सहित जानकारी, शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक द्वितीय वर्ष पास करने वाली वह छात्राएं, जिनके 80 प्रतिशत से अधिक अंक हैं या आठ से अधिक सीजीपीए(क्यूमेलेटिव ग्रेड प्वाइंट ऐवरेज) है। वहीं 2025-26 में स्नातक द्वितीय वर्ष 85 प्रतिशत अंक या फिर 8.5 सीजीपीए व इससे अधिक पाने वाली मेधावी छात्राओं और इससे भी अधिक अंक प्रतिशत पाने वाली मेधावी छात्राओं के बारे में जानकारी मांगी गई है। पोर्टल पर रिजल्ट को अपलोड कर उसकी टेस्टिंग का काम भी शुरू हो गया है और सभी संस्थानों से डाटा लेकर उसका सत्यापन भी किया जाएगा। बैचलर आफ वोकेशनल व फाइन आर्ट्स सहित कई कोर्स ऐसे हैं, जिसमें टॉप पांच मेधावी छात्राओं की संख्या एक से कम आ रही है। ऐसे में अब कम से कम एक मेधावी छात्रा को स्कूटी मिलेगी। ऐसे कोर्स जिसमें 80 प्रतिशत तक अंक पाने वाली टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं की संख्या एक से कम आ रही है तो भी उसमें किसी न किसी एक सर्वाधिक अंक पाने वाली छात्रा को स्कूटी देने की तैयारी है।


विश्वविद्यालय-कॉलेजों से मंगवाए जा रहे अांकड़े


फिलहाल उच्च शिक्षा विभाग विश्वविद्यालय व कॉलेजों से आंकड़े मंगवाने के साथ-साथ कम छात्र संख्या वाले कोर्स व मानक के अनुसार अंक प्रतिशत न होने पर उस कोर्स की मेधावी छात्रा को राहत देने पर मंथन कर रहा है। जिससे उन्हें भी मुफ्त स्कूटी मिल सके। फिलहाल मेधावी छात्राओं को जल्द इसका तोहफा देने की तैयारी है।


स्कूटी के लिए जरूरत पर बजट बढ़ाया जाएगा


विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिलेगी। न्यूनतम 80 प्रतिशत तक अंक पाने वाली छात्राओं को इसमें शामिल किया गया है। करीब 400 करोड़ रुपये का बजट उच्च शिक्षा विभाग के पास है। ऐसे में पहले चरण में ही 50 हजार छात्राओं को स्कूटी मिल सकती है। आगे और मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए जरूरत के अनुसार बजट बढ़ाया जाएगा।


400


करोड़ रुपये का बजट उच्च शिक्षा विभाग के पास है


80 %


न्यूनतम तक अंक पाने वाली छात्राएं इसमें शामिल