13 August 2026

चौथे बच्चे के लिए नहीं मिलेगा मातृत्व अवकाश!': इलाहाबाद हाईकोर्ट का उत्तर प्रदेश सरकार की कर्मचारी की याचिका पर बड़ा फैसला ⚖️🚨

 

*'चौथे बच्चे के लिए नहीं मिलेगा मातृत्व अवकाश!': इलाहाबाद हाईकोर्ट का उत्तर प्रदेश सरकार की कर्मचारी की याचिका पर बड़ा फैसला ⚖️🚨*



​उत्तर प्रदेश की एक महिला सरकारी कर्मचारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि दो या उससे अधिक जीवित बच्चे होने पर महिला कर्मचारी को चौथे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) नहीं दिया जा सकता।


​मामला: यूपी के संभल जिले की बेसिक शिक्षा विभाग की कर्मचारी (शिक्षिका) शशी कुमारी ने अपने चौथे बच्चे के लिए 6 महीने का मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) मांगा था।


​विभाग का इनकार: खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने सेवा नियमों का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता का आवेदन खारिज कर दिया था।


​कर्मचारी की दलील: याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि उसने अपने पहले तीन बच्चों के जन्म के समय कोई मातृत्व अवकाश नहीं लिया था, इसलिए वह पहली बार इस अवकाश की मांग कर रही है और यह उसका अधिकार है।


​कोर्ट का कड़ा रुख: न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।


​📜 नियम क्या कहता है?


​हाईकोर्ट का निर्देश: यूपी सरकार के सेवा नियमों और वित्तीय हस्तपुस्तिका (Financial Hand Rule Book) के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी महिला कर्मचारी की पहले से ही दो या उससे अधिक जीवित संतानें हैं, तो उसे मातृत्व अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता—चाहे उसने पहले अवकाश लिया हो या न लिया हो।