मुंबई, एजेंसी। आरबीआई ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए ब्याज दर तय करने के नियमों में समानता लाने के उद्देश्य से बुधवार को नए दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया। आरबीआई ने मसौदे पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 11 सितंबर तक सुझाव मांगे हैं।
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आरबीआई के अनुसार, अभी ऋण पर ब्याज दर से जुड़े नियम मुख्य रूप से वाणिज्यिक बैंकों पर लागू होते हैं, जबकि एनबीएफसी के लिए मुख्य रूप से आचरण से जुड़े नियम हैं।
प्रस्तावित नियमों को ‘भारतीय रिजर्व बैंक (ऋण एवं अग्रिम पर ब्याज दर) दिशानिर्देश, 2026’ कहा जाएगा। इन्हें 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का प्रस्ताव है।
इन नियमों में स्थिर और परिवर्तनशील, दोनों तरह के ऋणों की ब्याज दर तय करने के लिए व्यापक व्यवस्था होगी। यह संबंधित संस्था के कारोबार की प्रकृति, जटिलता और आकार के अनुसार होगी।

