प्रयागराज। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 11508 सहायक अध्यापकों की भर्ती से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी पाठ्यक्रम वायरल हो गया। शरारती तत्वों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की बजाय उत्तर प्रदेश नयी शिक्षा सेवा चयन आयोग के लेटरहेड पर एकेडमिक मेरिट समाप्त किए जाने संबंधी पत्र जारी कर दिया। पत्र में बकायदा चयन आयोग के अध्यक्ष पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार का नाम और फर्जी हस्तक्षर भी बनाया गया है। चयन आयोग के उपसचिव और पीआरओ डॉ. संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर जिन यूजर्स के एकाउंट से फर्जी पत्र वायरल हुआ है उनका स्क्रीनशॉट लगाते हुए कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है।
डॉ. संजय सिंह का कहना है कि कुछ व्यक्ति एवं संस्था सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर चयन आयोग के आधिकारिक लेटरहेड, लोगो एवं नाम का अनाधिकृत एवं अवैध उपयोग करते हुए भ्रामक एवं असत्य सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं। स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी सूचनाएं आयोग की ओर से जारी नहीं की गई हैं तथा उनका आयोग से कोई संबंध नहीं है। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य अनधिकृत स्रोतों से प्रसारित किसी भी सूचना पर विश्वास न करें तथा न ही उसे अग्रेषित (फॉरवर्ड) करें।

