पेंशनरों के लिए बड़ी मांग: 15 साल की जगह 11 साल में बहाल हो कम्यूटेड पेंशन
नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े संगठनों ने पेंशन कम्यूटेशन की बहाली अवधि 15 साल से घटाकर 10 से 12 साल करने की मांग तेज कर दी है। अधिकांश कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों ने 11 साल की अवधि को उचित बताया है। हालांकि, यह बदलाव अभी सरकार द्वारा मंजूर नहीं किया गया है।
15 साल की व्यवस्था में बदलाव की मांग
वर्तमान नियमों के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय अपनी बेसिक पेंशन का अधिकतम 40% हिस्सा कम्यूट कराकर एकमुश्त राशि ले सकता है। इसके बदले कम्यूट की गई राशि के अनुरूप मासिक पेंशन में कटौती होती है और 15 साल बाद कम्यूटेड पेंशन बहाल की जाती है।
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि यह व्यवस्था कई दशक पुराने वित्तीय और एक्चुरियल अनुमानों पर आधारित है। ब्याज दरों, जीवन प्रत्याशा, मृत्यु दर और अन्य आर्थिक परिस्थितियों में काफी बदलाव हो चुका है, इसलिए बहाली अवधि की दोबारा समीक्षा जरूरी है।
किस संगठन ने कितने साल की मांग की?
- NC-JCM: 11 साल
- AIDEF: 11 साल
- FNPO: 11 साल
- Bharat Pensioners Samaj (BPS): 11 साल
- All Pensioners Association: 11 साल
- AINPSEF: 10 साल
- IRTSA: 12 साल
इस तरह अधिकांश संगठनों की मांग 11 वर्ष में पेंशन बहाली की है।
₹35,000 पेंशन वाले कर्मचारी को कितना फायदा?
भारत पेंशनर्स समाज के उदाहरण के अनुसार, यदि किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन ₹35,000 प्रति माह है और वह ₹14,000 मासिक पेंशन कम्यूट करता है, तो:
| अवधि | कुल कटौती |
|---|---|
| 11 वर्ष (132 माह) | ₹18.48 लाख |
| 15 वर्ष (180 माह) | ₹25.20 लाख |
| अंतर | ₹6.72 लाख |
अर्थात 11 साल में बहाली होने पर 15 साल की तुलना में अगले चार वर्षों की ₹6.72 लाख की पेंशन कटौती बच सकती है।
क्या अभी नियम बदल गया है?
नहीं। फिलहाल 15 साल की मौजूदा व्यवस्था ही लागू है। 10, 11 या 12 साल की बहाली अवधि केवल कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों की मांग/सिफारिश है। संगठनों ने CCS (Commutation of Pension) Rules, 1981 के Rule 10A की समीक्षा और वर्तमान वित्तीय, जनसांख्यिकीय एवं एक्चुरियल आंकड़ों के आधार पर कम्यूटेशन टेबल में बदलाव की मांग की है।
अंतिम निर्णय सरकार और 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर होने की उम्मीद है। इसलिए अभी 11 साल की बहाली को स्वीकृत नियम मानना सही नहीं होगा।

