लखनऊ। यूपी में 5.10 लाख निरक्षर रविवार को साक्षरता परीक्षा देंगे। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को साक्षर बनाया जा रहा है। फिलहाल इनको मूलभूत साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान दिया जा रहा है। अब परीक्षा उत्तीर्ण करने पर इन्हें साक्षर घोषित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के मुताबिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष व अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को मूलभूत साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान देकर उन्हें साक्षर बनाया जाना है। कार्यक्रम के तहत 75% महिलाओं व 25% पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी के अनुसार इस शैक्षिक सत्र 2026-27 में कुल 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाए जाने का लक्ष्य है। जिनकी प्रथम मूलभूत साक्षरता परीक्षा 20 सितंबर और द्वितीय मूलभूत साक्षरता परीक्षा अगले वर्ष मार्च में होगी। अभी सितंबर में आयोजित हो रही परीक्षा में 5.10 लाख निरक्षर परीक्षा में शामिल होंगे। सभी जिलों में साक्षरता परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। समस्त मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) व बेसिक शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा होगी।

