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20 September 2026

खेत में खोल दिया फर्जी विश्वविद्यालय

 

खेत में खोल दिया फर्जी विश्वविद्यालय

एटा, हिन्दुस्तान संवाद। मारहरा क्षेत्र में अजब-गजब मामले का खुलासा हुआ है। यहां फर्जी विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज खोलकर चार साल में सैकड़ों फर्जी डिग्रियां बांट दी गईं। यह चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब फर्जी प्रिंसिपल/प्रबंधक ने छात्रों का पैसा वापस लौटाने से बचने को अपने अपहरण की झूठी कहानी बना दी।


पुलिस ने तफ्तीश की तो गोरखधंधे की परतें खुल गईं। फर्जी संस्थान एक खेत में चल रहा था और उसका संचालन एक चाय विक्रेता के नाम से किया जा रहा था। पुलिस ने पूर्व सीएमओ के बेटे समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी अपने को प्रबंधक, कुलाधिपति बताता था।


एएसपी श्वेताभ पांडेय ने शनिवार को बताया कि 16 सितंबर को रामसेवक नाम के व्यक्ति ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी कि बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी के प्रबंधक सतेन्द्र कुमार पुत्र दर्शनपाल निवासी गांव महमूदपुर नगरिया थाना मारहरा का तीन युवकों ने अपहरण कर लिया है। आरोपियों ने दो लाख की फिरौती की मांगी है। पुलिस ने एफआई दर्ज कर ली और एसएसपी डॉ. इलामारन जी मौके पर पहुंच गए। जांच में अपहरण और फिरौती का मामला तो फर्जी निकला मगर इनके धंधे का खुलासा हो गया। पुलिस को जानकारी मिली कि कथित प्रबंधक सतेन्द्र कुमार विभिन्न कोर्सों में फर्जी एडमिशन के नाम पर ठगी करता है।


चाय वाले को बना दिया था संस्थान का मालिक


फर्जी प्रबंधक ने एक चाय वाले के नाम से कॉलेज खोला था। चायवाले को पता ही नहीं था उसके नाम से कॉलेज है। पुलिस ने जब एक आरोपी भगवान दास को पकड़ा तो पता चला कि उसे बीएस मेडिकल कॉलेज का मालिक घोषित किया गया है। पुलिस को भगवान दास ने बताया कि वह चाय की दुकान चलाता है। बताया जा रहा है कि मो. शरीफ कुरैशी को प्राचार्य बताया।



आगरा के युवक ने दर्ज कराई धोखाधड़ी की रिपोर्ट


आगरा के थाना सिकंदरा के गांव अरतौनी निवासी जितेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि कथित कॉलेज प्रबंधक सतेन्द्र निवासी महमूदपुर नगरिया सहित तीन आरोपियों ने मिलकर उसके चाचा की बेटी समेत अन्य छात्रों से धोखाधड़ी कर जीएनएम कोर्स कराया। फर्जी पेपर तैयार कर डिग्री दे दी। आरोपियों ने बच्चों के तीन साल बर्बाद कर दिए।



स्कूल में तैयार होते थे फर्जी पेपर और मार्कशीट


पूछताछ में पहले फर्जी प्रबंधक ने बताया कि उनका कॉलेज हाथरस के एक कॉलेज से अटैच है। बाद में किसी और कॉलेज का नाम बताने लगा। उन कॉलेज में भी पुलिस भेजी गई है। सभी आरोपी कॉलेज में ही पेपर तैयार कराते थे और पास करते हुए फर्जी मार्कशीट भी कॉलेज में तैयार कर देते थे।



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