23 September 2026

वंदे मातरम् नहीं गाने पर आपराधिक कार्रवाई न की जाए: सुप्रीम कोर्ट

 

वंदे मातरम् नहीं गाने पर आपराधिक कार्रवाई न की जाए


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से कहा कि अंतरआत्मा या धार्मिक कारणों से ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने वंदे मातरम् के सभी छंदों को गाने को अनिवार्य बनाने के लिए कानून में किए गए संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।



याचिका में वंदे मातरम् के बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा निर्देशों की वैधता को भी चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कर्नाटक के संगीतकार और लेखक टी.एम. कृष्णा की याचिका पर केंद्र को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। इससे पहले, केंद्र ने नोटिस जारी नहीं करने का आग्रह किया था। सरकार ने कहा था कि मामले में नोटिस जारी होने से सनसनीखेज मामला बन सकता है।


याचिका में कृष्णा ने ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों को अनिवार्य करने के लिए 2026 में कानून में किए संशोधन को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि आखिरी चार छंद देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का उल्लंघन करते हैं। शीर्ष अदालत ने ‘बिजो इमैनुएल बनाम केरल राज्य’ के मामले में 1986 के अपने फैसले का जिक्र करते हुए कहा, इसमें तय सिद्धांत ही संशोधित कानून पर भी लागू होंगे। पीठ ने यह भी कहा, किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए आपराधिक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए, क्योंकि उसने वंदे मातरम् का एक या उससे अधिक छंद गाने से इनकार कर दिया है।


संशोधन में ‘राष्ट्रीय गीत’ शब्द परिभाषित नहीं


याचिकाकर्ता कृष्णा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने शीर्ष अदालत से कहा कि कानून में किए गए संशोधन में ‘राष्ट्रीय गीत’ शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है, जिससे अनिश्चितता और संभावित दुरुपयोग की गुंजाइश बनी रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर एक कार्यालय आदेश जारी किए गए थे, जिन्हें राजपत्र में प्रकाशित नहीं किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार ने कार्यकारी निर्देशों के जरिए ‘वंदे मातरम्’ के बारे में पहले की समझ को बदल दिया है। उन्होंने कहा, यह संशोधन बिना यह तय किए लागू किया गया कि राष्ट्रीय गीत में कौन सा संस्करण या कौन से पद शामिल होंगे।