04 September 2026

NPS में बड़ा बदलाव: 5 कैटेगरी में बंटेंगी स्कीमें, अक्टूबर से ₹200 का नया चार्ज

NPS में बड़ा बदलाव: 5 कैटेगरी में बंटेंगी स्कीमें, अक्टूबर से ₹200 का नया चार्ज



नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े निवेशकों के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS स्कीमों को एक समान तरीके से वर्गीकृत और प्रदर्शित करने के लिए नया फ्रेमवर्क जारी किया है। इससे निवेशकों को स्कीम का जोखिम, इक्विटी एक्सपोजर और प्रदर्शन समझने में आसानी होगी।

इसके अलावा 1 अक्टूबर 2026 से Point of Presence (PoP) के माध्यम से NPS में नया रजिस्ट्रेशन कराने पर ₹200 का ऑनबोर्डिंग चार्ज लागू होगा।

इक्विटी के आधार पर 5 श्रेणियों में होंगी स्कीमें

PFRDA के 28 अगस्त 2026 के सर्कुलर के अनुसार, Multiple Scheme Framework (MSF) के तहत आने वाली स्कीमों को उनके इक्विटी निवेश के अनुपात के आधार पर पांच वर्गों में रखा जाएगा।

Category A: Aggressive Growth

इस श्रेणी में 80% से 100% तक इक्विटी निवेश वाली स्कीमें शामिल होंगी। इन्हें Very High Risk वाली स्कीम माना जाएगा।

Category B: High Growth

इस कैटेगरी में इक्विटी निवेश 60% से 80% के बीच रहेगा। इसका जोखिम स्तर High Risk होगा।

Category C: Balanced Growth

35% से 60% तक इक्विटी निवेश वाली स्कीमें इस श्रेणी में आएंगी। इन्हें Medium Risk कैटेगरी में रखा जाएगा।

Category D: Conservative

इस श्रेणी में इक्विटी का हिस्सा 10% से 35% के बीच होगा। यह अपेक्षाकृत कंजर्वेटिव निवेश श्रेणी होगी।

Category E: Debt Oriented

इस कैटेगरी में इक्विटी निवेश 0% से 10% तक रहेगा। इसमें मुख्य जोर डेट आधारित निवेश पर होगा।

खास बात: किसी एक स्कीम का इक्विटी एक्सपोजर दो अलग-अलग कैटेगरी की सीमा में नहीं रखा जा सकेगा। यानी प्रत्येक स्कीम को उसकी निर्धारित इक्विटी हिस्सेदारी के आधार पर एक ही श्रेणी मिलेगी।

1 अक्टूबर से NPS पर ₹200 का ऑनबोर्डिंग शुल्क

NPS में PoP के जरिए नया रजिस्ट्रेशन कराने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए 1 अक्टूबर 2026 से एक नया शुल्क लागू किया जाएगा।

प्रत्येक Permanent Retirement Account Number (PRAN) पर एक बार कुल ₹200 ऑनबोर्डिंग चार्ज लिया जाएगा। हालांकि, यह रकम एक साथ खाते से नहीं काटी जाएगी। शुल्क की वसूली हर तिमाही ₹50 के हिसाब से यूनिट्स कैंसिल करके Central Recordkeeping Agencies (CRA) के माध्यम से की जाएगी।

निवेशकों को स्कीम की ज्यादा जानकारी मिलेगी

नए फ्रेमवर्क के तहत NPS प्लेटफॉर्म पर स्कीमों की जानकारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। निवेशक किसी स्कीम को चुनने से पहले उसके बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां देख सकेंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • स्कीम का नाम

  • संबंधित पेंशन फंड

  • स्कीम लॉन्च होने की तारीख

  • ऐतिहासिक रिटर्न

  • संबंधित बेंचमार्क

  • बेंचमार्क का प्रदर्शन

  • लागू शुल्क

  • Riskometer

  • Assets Under Management (AUM)

इससे निवेशकों को केवल पिछले रिटर्न के आधार पर फैसला लेने के बजाय जोखिम, लागत और बेंचमार्क के मुकाबले प्रदर्शन को भी समझने में मदद मिलेगी।

मौजूदा NPS निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा?

नया फ्रेमवर्क मुख्य रूप से NPS स्कीमों की कैटेगरी, नाम और जानकारी प्रदर्शित करने के तरीके को मानकीकृत करने से संबंधित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार Government Sector से जुड़े NPS खातों पर यह नया classification framework लागू नहीं होगा।

मौजूदा निवेशकों को केवल स्कीम का नाम या कैटेगरी बदलने की स्थिति में तुरंत अपना निवेश बदलने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, संबंधित पेंशन फंड द्वारा बदलाव लागू किए जाने के बाद निवेशकों के लिए नई कैटेगरी, Riskometer, शुल्क, बेंचमार्क और निवेश रणनीति की समीक्षा करना उपयोगी रहेगा।

एक नजर में बड़े बदलाव

बदलावनई व्यवस्था
स्कीम वर्गीकरण5 कैटेगरी
आधारइक्विटी निवेश का प्रतिशत
सबसे अधिक इक्विटीCategory A: 80–100%
सबसे कम इक्विटीCategory E: 0–10%
नया PoP ऑनबोर्डिंग शुल्क₹200 प्रति PRAN
शुल्क वसूली₹50 प्रति तिमाही
शुरुआत1 अक्टूबर 2026
स्कीम की जानकारीरिटर्न, बेंचमार्क, Riskometer, शुल्क और AUM समेत

नोट: यह  ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश से पहले PFRDA/CRA या संबंधित पेंशन फंड की आधिकारिक सूचना और लागू नियमों की पुष्टि जरूर करें।