पुरानी नियमावली से हुई भर्ती तो बिना TET-B.Ed अभ्यर्थी भी होंगे दावेदार, NCTE तय करेगी योग्यता
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नियमावली को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। प्रतियोगी अभ्यर्थियों की ओर से पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती कराने की मांग की जा रही है। इस मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने लंबे समय तक आंदोलन और अनशन भी किया।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद पुरानी नियमावली के आधार पर चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे अभ्यर्थियों में उम्मीद बढ़ी है। वहीं, बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी नई नियमावली के तहत भर्ती चाहते हैं। ऐसे में भर्ती की योग्यता को लेकर अब राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
NCTE तय करेगी क्या होगी योग्यता
रिपोर्ट के अनुसार, यदि पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती होती है तो प्रवक्ता पद के लिए बीएड को अनिवार्य योग्यता नहीं माना जा सकता, जबकि टीजीटी कला में प्राविधिक कला इंटर करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता का मुद्दा भी सामने आएगा।
बताया गया है कि प्रदेश सरकार शिक्षक भर्ती की योग्यता में संशोधन के लिए NCTE को पत्र भेज सकती है। इसके बाद भर्ती में TET, B.Ed समेत अन्य योग्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
कक्षा 6 से 10 तक TET अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव
पिछले महीने माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा 6 से 10 तक की भर्ती में TET की अनिवार्यता से संबंधित प्रस्ताव भेजे जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर अभ्यर्थियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं।
प्रतियोगी छात्र मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विक्की खान के अनुसार, मुख्यमंत्री के बयान से अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि किसी भी अभ्यर्थी का नुकसान नहीं होना चाहिए और सभी को समान अवसर मिलना चाहिए।
अब निगाहें NCTE और शासन के अगले निर्णय पर हैं। योग्यता, TET और B.Ed की अनिवार्यता को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित नियमों और आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

