● एडेड कॉलेजों की टीजीटी-पीजीटी भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों में चिंता
● आरसीआई से मान्यता प्राप्त स्पेशल बीएड डिग्रीधारकों के सामने संकट
प्रयागराज, प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती से बीएड विशेष शिक्षा को बाहर कर दिया गया है। भारतीस पुर्नवास परिषद (आरसीआई) से मान्य होने के बावजूद दोनों भर्तियों से बाहर होने के कारण स्पेशल बीएड करने वाले हजारों अभ्यर्थी परेशान हैं।
ये भी पढ़ें - जनगणना 2027: दूसरे चरण में पूछे जाएंगे ये 40 प्रमुख सवाल, देखें पूरी लिस्ट
शिक्षा निदेशालय से लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग तक को ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापनों में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता में से स्पेशल बीएड डिग्रीधारकों को बाहर करने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने दावा किया है कि न्यायालयों ने भी स्पेशल बीएड को बीएड के समकक्ष माना है। इसके बावजूद बिना सोचे-समझे उनसे अवसर छीना जा रहा है।
एनसीटीई और आरसीआई की भूमिका अलग : एनसीटीई सामान्य शिक्षक शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों और संस्थानों के नियमन में भूमिका निभाता है, जबकि आरसीआई विशेष शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों एवं पेशेवर योग्यताओं के नियमन से जुड़ा है। दोनों संस्थाओं की भूमिकाएं अलग-अलग हैं और उनकी मान्यता का महत्व संबंधित पाठ्यक्रम तथा पेशेवर क्षेत्र के अनुसार निर्धारित होता है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि जब स्पेशल बीएड की डिग्री आरसीआई से मान्यता प्राप्त है, तो भर्ती में उसे बाहर नहीं किया जा सकता।
केवल मान्यता देने वाली संस्था में भिन्नता होने के कारण योग्य अभ्यर्थियों के साथ नाइंसाफी नहीं की जा सकती। अभ्यर्थियों की मांग है कि इस विषय पर संबंधित विभागों को स्थिति साफ करनी चाहिए ताकि अनिश्चितता समाप्त हो सके।

