नई दिल्ली, । सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मतदान के अधिकार को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि कोई मतदाता मौजूद नहीं है तो भी उसका यह अधिकार छीना नहीं जा सकता।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसआईआर प्रक्रिया पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। सीजेआई ने चुनाव आयोग से कहा, हमारा सुझाव है कि आप एक ऐसी सूची जारी करें, जिसमें उन 43 लाख लोगों का जिक्र हो, जिनके नाम पहले सूची में थे... और बताएं कि हम आपसे संपर्क नहीं कर पाए, इसलिए कृपया आप हमसे संपर्क करें। उनसे कहें कि वे अपने बीएलओ से संपर्क करें और फॉर्म 8 भरें। यह सुझाव देते हुए शीर्ष कोर्ट ने कहा, वोट देने का अधिकार बहुत महत्वपूर्ण अधिकार है। आपकी जिम्मेदारी है, आप सावधानी से काम करें। मान लीजिए कि मतदाता से कोई चूक हुई... तो क्या इसके आधार पर उसका वोट का अधिकार हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है? अगर कोई वोटर कहता है कि कृपया मेरे ये दस्तावेज शामिल कर लें और आप उससे फॉर्म 6 भरने को कहें तो वह इसे कैसे भरेगा?

