लखनऊ। एमएलसी चुनाव में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की जागरूकता पर सवाल खड़े हो गए। विधान परिषद की लखनऊ खंड शिक्षक और स्नातक सीटों पर बड़ी संख्या में मतदाता मतपत्र पर अपनी पसंद के प्रत्याशियों का वरीयता क्रम सही ढंग से नहीं भर सके। नतीजा यह हुआ कि दोनों सीटों पर कुल 13 हजार से अधिक मतपत्र अवैध घोषित कर दिए गए। इनमें शिक्षक सीट पर 1824 और स्नातक सीट पर 11223 मतपत्र खारिज हुए। मतपत्र भरने में हुई यह चूक प्रत्याशियों के लिए निर्णायक साबित हो सकती थी।
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शिक्षक सीट पर मतदान करने वालों में शिक्षकों की बड़ी संख्या थी, जिन्हें समाज का मार्गदर्शक माना जाता है। इसके बावजूद मतपत्र भरने में हुई गलतियों ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। इस सीट पर कुल 530129 मतदाता पंजीकृत थे।
स्नातक सीट पर भी मतदाताओं से चूक
स्नातक सीट पर भी तस्वीर अलग नहीं रही। इस चुनाव में मतदान के लिए स्नातक की योग्यता जरूरी थी। मतदाताओं में परास्नातक, पीएचडी धारक, वकील, डॉक्टर और इंजीनियर जैसे उच्च शिक्षित लोग भी शामिल थे। इसके बावजूद 11223 मतदाता मतपत्र सही ढंग से नहीं भर सके।

