UpdateMarts•Com
Follow Channel

30 October 2026

आंदोलनकारी हिरासत में, शिक्षा निदेशालय खाली: टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के आधार पर एक अवसर की है मांग

 आंदोलनकारी हिरासत में, शिक्षा निदेशालय खाली

प्रयागराज। प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उपनिरीक्षक मयंकधर द्विवेदी ने तहरीर में आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने एकलव्य चौराहे पर बैरियर लगाकर आवागमन बाधित किया और सरकारी बैरियर तोड़ दिया। इससे जाम लगा और एंबुलेंस भी फंस गई। पुलिस ने आशुतोष पांडेय, रिंकी चौहान, अभिषेक शुक्ला, अखिलेश वर्मा, कपिलदेव उर्फ केडी वर्मा, प्रवीण कुमार, भावना सिंह, अनूप त्रिवेदी, रंजन कुमार, शशिकांत, हिमांशु अग्रवाल और अभिषेक द्विवेदी को नामजद किया है। पुलिस के मुताबिक, निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद बिना अनुमति प्रदर्शन, सड़क जाम, गाली-गलौज और लोकसेवकों के सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप मुकदमा दर्ज किया गया है।


 भी पढ़ें - UP D.El.Ed / BTC प्रमाणपत्रों का होगा ऑनलाइन सत्यापन, परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने शुरू की तैयारी

ये भी पढ़ें - UP Special TET 2026: छह मंडलों में परीक्षा केंद्र, 3 नवंबर को शिक्षकों ने मांगा अवकाश

ये भी पढ़ें - UP Teacher News: बोर्ड परीक्षा 2027 के चलते शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग

प्रयागराज,   सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के आधार पर एक अवसर की मांग को लेकर सोमवार से चला आ रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन समाप्त हो गया। देरशाम सात बजे के बाद पुलिस ने आंदोलन की अगुवाई कर रहे आशुतोष पांडेय समेत एक दर्जन अभ्यर्थियों को हिरासत में लेने के बाद शिक्षा निदेशालय परिसर खाली करा लिया। देर रात तक निदेशालय परिसर के आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।


गुरुवार सुबह कुछ छात्र अपने साथियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने और अन्य आवश्यक कार्यों से बाहर गए थे। इसी बीच प्रशासन ने शिक्षा निदेशालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। जब छात्र वापस पहुंचे, तो उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया गया जबकि कुछ महिला और पुरुष साथी निदेशालय परिसर के अंदर मौजूद थे। इसके बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि छात्र जहां चाहें प्रदर्शन करें, लेकिन उन्हें शिक्षा निदेशालय के अंदर धरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


दोपहर तकरीबन दो बजे तक बूंदाबांदी के बीच आंदोलनकारी निदेशालय के मुख्य द्वार पर ही डटे रहे और उसके बाद सिर पर रामनामी गमछा बांधकर जुलूस की शक्ल में एकलव्य चौराहे पहुंच गए। छात्रों ने रामनामी गमछे को कफन की तरह ओढ़कर एकलव्य चौराहे पर ही चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए धरना समाप्त करने को कहा और नहीं हटने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी लेकिन अभ्यर्थियों ने मानने से इनकार कर दिया।


छात्रों का कहना था कि वे सड़क खाली करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें दोबारा शिक्षा निदेशालय में बैठने दिया जाए, ताकि उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके। शाम तक गतिरोध बना रहा और तकरीबन पौने सात बजे अभ्यर्थी लौटकर शिक्षा निदेशालय में धरने पर बैठ गए। इसके बाद तकरीबन साढ़े सात बजे कई थानों की फोर्स और चार वज्र वाहन के साथ पहुंचे अपर पुलिस आयुक्त अजय पाल शर्मा ने आशुतोष पांडेय समेत एक दर्जन छात्रों को हिरासत में लेकर सिविल लाइंस थाने भेज दिया। वहां मौजूद अन्य छात्रों को पुलिस ने बाहर कर दिया। इसी के साथ सोमवार से चला आ रहा आंदोलन गुरुवार शाम को समाप्त हो गया।


धरने पर बैठे एमएलसी और सपा प्रदेश अध्यक्ष


प्रयागराज। शिक्षा निदेशालय के गेट पर धरना दे रहे प्रतियोगी छात्रों के समर्थन में नवनिर्वाचित एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव और सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पहुंचकर समर्थन दिया। दोनों नेता छात्रों के साथ धरने पर बैठे और उनकी मांगों के लिए संघर्ष का ऐलान किया। एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव ने कहा कि जीत का प्रमाणपत्र लेने के बाद वह सीधे छात्रों के बीच आए हैं। उन्होंने छात्रों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिया। प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, रविंद्र यादव आदि मौजूद रहे।


पुलिस ने अपर शिक्षा निदेशक को दी सुरक्षा


प्रयागराज। अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक कामताराम पाल के कार्यालय के सामने धरने पर बैठे थे। हालात बिगड़ते देख एडी कामताराम पाल ने गुरुवार को डीएम और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सुरक्षा देने की मांग की थी। एडी ने लिखा था कि उपद्रवी उन्हें लक्ष्य बनाकर अपशब्दों एवं अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसके कारण उन्हें जानमाल का खतरा बना हुआ है। ऐसे में कार्यालय में बैठकर काम करना संभव नहीं हो पा रहा। इसके बाद सहायक पुलिस आयुक्त विद्युत गोयल ने गुरुवार को ही दो सशस्त्र पुलिस कर्मियों को उनकी सुरक्षा में तैनात कर दिया।

Guruji Portal: Hindi Notes| Free Exam Notes |GS Notes| Quiz| Books and lots more