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30 October 2026

UP Teacher Document Verification 2026: सभी शिक्षकों से नियुक्ति पत्र, शैक्षिक प्रमाणपत्र और शपथपत्र मांगे, STF करेगी सत्यापन: देखें पूरी प्रक्रिया

 UP Teacher Document Verification 2026: सभी शिक्षकों से नियुक्ति पत्र, शैक्षिक प्रमाणपत्र और शपथपत्र मांगे


यूपी के कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के अभिलेखों की होगी जांच, नियुक्ति पत्र से लेकर TET-CTET प्रमाणपत्र तक मांगे; STF करेगी सत्यापन

UP Teachers Document Verification: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के नियुक्ति एवं शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में अब सभी शिक्षकों को अपने नियुक्ति पत्र, शैक्षिक प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पठनीय प्रतियां उपलब्ध करानी होंगी। इसके साथ ही शिक्षकों को नोटरी द्वारा सत्यापित शपथपत्र भी प्रस्तुत करना होगा। अभिलेखों के संकलन और सत्यापन की प्रक्रिया में विशेष कार्य बल (STF) को भी शामिल किया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जारी हुए निर्देश

बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक) एवं समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में माननीय उच्च न्यायालय के रिट याचिका संख्या 11906/2026, कुसुमलता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित आदेश दिनांक 16 अक्टूबर 2026 का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी पत्र के अनुसार, न्यायालय के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत कक्षा 1 से 8 तक के सभी शिक्षकों के नियुक्ति संबंधी एवं शैक्षिक अभिलेख एकत्र किए जाएंगे। इन दस्तावेजों का विवरण तैयार कर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से विशेष कार्य बल (STF) को उपलब्ध कराया जाएगा।

शिक्षकों को देने होंगे नियुक्ति पत्र और शैक्षिक प्रमाणपत्र

न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के सभी शिक्षकों को अपने नियुक्ति एवं शैक्षिक अभिलेखों की स्पष्ट और पठनीय प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी।

इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित दस्तावेज शामिल हैं:

  1. शिक्षक का नियुक्ति पत्र।

  2. हाईस्कूल की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र।

  3. इंटरमीडिएट की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र।

  4. स्नातक की शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज।

  5. बीएड, बीटीसी, डीएलएड अथवा संबंधित प्रशिक्षण योग्यता के प्रमाणपत्र।

  6. TET/CTET प्रमाणपत्र।

  7. नियुक्ति के समय आवश्यक अन्य शैक्षिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं से संबंधित प्रमाणपत्र।

न्यायालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति के लिए संबंधित समय पर आवश्यक रही शैक्षिक योग्यताओं और अन्य अर्हताओं के दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे।

शिक्षकों को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सूचना प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर इन दस्तावेजों की प्रतियां जमा करनी होंगी।

शिक्षकों को नोटरी से सत्यापित शपथपत्र भी देना होगा

दस्तावेजों के साथ सभी शिक्षकों को नोटरी द्वारा सत्यापित शपथपत्र (Notarized Affidavit) भी प्रस्तुत करना होगा।

इस शपथपत्र में उन निकट संबंधियों का विवरण देना होगा, जो उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) या उससे उच्च स्तर के पद पर कार्यरत रहे हों अथवा वर्तमान में कार्यरत हों।

न्यायालय के निर्देश में निकट संबंधियों के अंतर्गत निम्नलिखित संबंधों का उल्लेख किया गया है:

  • पति एवं पत्नी

  • पिता एवं माता

  • पुत्र एवं पुत्री

  • दामाद एवं पुत्रवधू

  • सास एवं ससुर

  • भाई एवं भाभी

  • बहन एवं बहनोई

  • प्रथम श्रेणी के चचेरे/ममेरे/फुफेरे/मौसेरे संबंधी (First Degree Cousins)

यह सूची उदाहरणात्मक है, संपूर्ण नहीं। यदि किसी शिक्षक का शिक्षा विभाग में इस प्रकार का कोई संबंधी नहीं है तो उसे इस संबंध में शपथपत्र के माध्यम से स्पष्ट घोषणा करनी होगी।


* सभी शिक्षक नोटरी द्वारा सत्यापित शपथपत्र भी प्रस्तुत करेंगे, जिसमें उनके उन निकट सम्बन्धियों का विवरण दिया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारी अथवा उससे उच्च स्तर के पद परं कार्यरत रहे हों या सेवानिवृत्त हो चुके हों। इस प्रयोजन के लिए शनिकट सम्बन्धियों में पति, पत्नी, पिता, पुत्र, पुत्री, दामाद, पुत्रवधू, सास, साला/बहनोई, साली/ननद, ससुर तथा प्रथम डिग्री के चचेरे / ममेरे/फुफेरे/मौसेरे भाई-बहन शामिल होंगे। यह सूची केवल उदाहरणार्थ है, संपूर्ण नहीं। यदि किसी शिक्षक का ऐसा कोई संबंधी विभाग में नहीं है, तो उसे इस आशय का शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा कि उसका ऐसा कोई सम्बन्धी विभाग में नहीं है।

BSA जारी करेंगे आदेश, प्रधानाध्यापकों को सौंपी गई जिम्मेदारी

न्यायालय ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जनपद के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को तत्काल आदेश जारी करें।

प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को निर्देशित करेंगे कि वे निर्धारित दस्तावेजों की पठनीय प्रतियां संबंधित कार्यालय में जमा कराएं।

इस प्रकार दस्तावेजों के संकलन की प्रक्रिया विद्यालय स्तर से शुरू होकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंचेगी।

BSA कार्यालय तैयार करेगा शिक्षकों की Excel Sheet

शिक्षकों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को एक निर्धारित प्रारूप में Excel Sheet तैयार करनी होगी।

इसमें प्रत्येक शिक्षक से संबंधित निम्नलिखित जानकारियां दर्ज की जाएंगी:

  1. जनपद का नाम (District)

  2. विकासखंड का नाम (Block)

  3. विद्यालय का नाम (School)

  4. शिक्षक का नाम (Teacher's Name)

  5. नियुक्ति की तिथि (Appointment Date)

  6. शैक्षिक योग्यताएं (Academic Qualifications)

  7. संबंधित समय पर नियुक्ति के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता एवं राजपत्र अधिसूचना के अनुसार शिक्षक की मेरिट।

  8. अन्य प्रासंगिक विवरण (Other Relevant Particulars)

तैयार की गई Excel Sheet को संबंधित दस्तावेजों के साथ विशेष कार्य बल (STF) के संबंधित रेंज कार्यालय को भेजा जाएगा।

STF करेगी शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन

इस पूरी प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

न्यायालय के निर्देश के अनुसार उत्तर प्रदेश में STF के 18 रेंज कार्यालय और 7 पुलिस कमिश्नरेट हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारियों के सहयोग से आवश्यक व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

इस कार्य में पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अथवा पुलिस आयुक्त की सहायता भी ली जा सकती है।

विशेष कार्य बल के कार्यालयों को किसी भी प्रकार का अनुरोध प्राप्त होने पर न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के लिए तत्काल सहयोग प्रदान करना होगा तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने होंगे।

शिक्षा विभाग और STF के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे निगरानी

न्यायालय ने इस पूरी प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

इसके लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) को संपूर्ण कार्यवाही का पर्यवेक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे बेसिक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से दैनिक कार्यों की निगरानी के लिए किसी अधिकारी को नामित कर सकते हैं।

इसी प्रकार पुलिस विभाग की ओर से STF के अपर पुलिस महानिदेशक को सत्यापन एवं जांच प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। वे भी दैनिक पर्यवेक्षण के लिए अधिकारी नामित कर सकते हैं।

राज्य एवं जिला स्तर पर निर्धारित की गई जिम्मेदारियां

शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा जारी पत्र में जिला एवं प्रदेश स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं।

  • जिला स्तर पर: संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दस्तावेजों एवं सूचनाओं के संकलन के लिए जिम्मेदार होंगे।

  • मंडल स्तर पर: संबंधित मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) सूचना संकलन एवं कार्यवाही की निगरानी करेंगे।

  • प्रदेश स्तर पर: सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को नोडल अधिकारी नामित करते हुए समस्त सूचनाओं के संकलन की जिम्मेदारी दी गई है।

सभी संबंधित अधिकारियों को दैनिक निगरानी रखते हुए निर्धारित कार्यवाही समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

न्यायालय ने आदेश के अनुपालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई अथवा कर्तव्य की अवहेलना को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।

यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस पूरी प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं।

4 नवंबर 2026 को हाईकोर्ट में होगी अगली सुनवाई

न्यायालय के आदेश के पैरा 19 के अनुसार इस मामले को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने एवं आगे विचार के लिए 4 नवंबर 2026 को पुनः सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।

इससे पहले संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों के अभिलेखों का संकलन, Excel Sheet तैयार करने और सत्यापन संबंधी आवश्यक कार्यवाही पूरी करनी होगी।

शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

इस आदेश के बाद प्रदेश के कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों को अपने नियुक्ति एवं शैक्षिक अभिलेख व्यवस्थित रखने होंगे। विशेष रूप से नियुक्ति पत्र, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, प्रशिक्षण योग्यता और TET/CTET से संबंधित प्रमाणपत्रों की स्पष्ट प्रतियां तैयार रखनी होंगी।

शिक्षकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी होने वाले निर्देशों के अनुसार दस्तावेज जमा करने होंगे। साथ ही नोटरी से सत्यापित शपथपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

महत्वपूर्ण: दस्तावेज जमा करने की समय-सीमा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सूचना प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर निर्धारित की गई है।


आधिकारिक आधार: शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 16 अक्टूबर 2026 के अनुपालन में जारी पत्र तथा उसमें उद्धृत न्यायालय के निर्देश।






नोट: यह समाचार उपलब्ध कराए गए विभागीय पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। दस्तावेजों की वास्तविक जमा प्रक्रिया एवं कार्यालय संबंधी आगे के निर्देशों के लिए संबंधित BSA कार्यालय के आदेशों का पालन करें।



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