यूपी में परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के उन सेवारत शिक्षकों और स्पेशल एजुकेर्ट्स जो तीन नवंबर को आयोजित होने वाली विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देंगे उन्हें एक दिन का विशेष अवकाश दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने विशेष अवकाश दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है।
तीन नवंबर को छह मंडल मुख्यालयों आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज व वाराणसी में 131 परीक्षा केंद्रों पर विशेष टीईटी का आयोजन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य किया गया है। वर्ष 2010 व उससे पहले के करीब 1.41 शिक्षक टीईटी पास नहीं थे। जिसमें से करीब 80 हजार शिक्षकों ने पिछले दिनों हुई सामान्य टीईटी को पास कर लिया है। अब शिक्षकों के लिए आयोजित हो रही विशेष टीईटी में करीब 70 हजार शिक्षक व स्पेशल एजुकेटर्स शामिल हैं। सेवारत शिक्षकों व एजुकेर्ट्स के लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य है। उप्र विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने विशेष अवकाश दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया है।
चार महीने के अंदर दूसरी टीईटी कराई जाएगी
फिलहाल तो चयन आयोग तीन नवंबर को छह मंडल मुख्यालयों आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज व वाराणसी के विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने जा रहा है। इसके बाद चार महीने के अंदर दूसरी टीईटी कराई जाएगी जिसमें सभी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। यही नहीं चयन आयोग ने आगामी वर्षों में हर साल जुलाई और जनवरी में दो बार टीईटी कराने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुसार साल में दो बार टीईटी कराई जानी चाहिए लेकिन यूपी में 2011 से लेकर अब तक किसी भी साल दो बार टीईटी नहीं हो सकी है। इस साल दो से चार जुलाई तक टीईटी कराई जा चुकी है और तीन नवंबर को विशेष टीईटी हो रही है। हालांकि स्पेशल टीईटी में केवल सेवारत शिक्षकों एवं स्पेशल एजुकेटर्स को शामिल किया गया है और सामान्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिला है।

