UP News: दीपावली से पहले कई शिक्षामित्रों का मानदेय अटका, भुगतान में देरी से परिवारों की बढ़ी चिंता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए दीपावली से पहले मानदेय भुगतान को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदेश के कई जिलों में शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक खातों में नहीं पहुंचा है। नई भुगतान प्रणाली की जटिलताओं और प्रक्रिया में सुस्ती के चलते भुगतान में देरी होने की बात सामने आई है।
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दीपावली से पहले मानदेय मिलने की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षामित्रों को अभी इंतजार करना पड़ रहा है। इससे त्योहार की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
नई भुगतान प्रणाली से बढ़ी परेशानी
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि पहले शिक्षामित्रों का भुगतान पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से होता था। बीएसए कार्यालय से बिल बैंक पहुंचने के 24 घंटे के भीतर मानदेय खातों में आ जाता था।
हालांकि, वर्तमान में भुगतान प्रक्रिया में बदलाव और नई व्यवस्था के कारण भुगतान में देरी हो रही है। एसएनए स्पर्श प्रणाली में प्रक्रिया लंबी होने से कई जिलों में भुगतान प्रभावित हुआ है।
टोकन मिलने के बाद भी 10 से 15 दिन का इंतजार
रिपोर्ट के मुताबिक, एसएनए स्पर्श प्रणाली में टोकन मिलने के बाद भी शिक्षामित्रों के खातों में मानदेय पहुंचने में 10 से 15 दिन तक का समय लग रहा है। इससे शिक्षामित्रों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार से जल्द भुगतान कराने की मांग
शिक्षामित्रों का कहना है कि मानदेय उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। ऐसे में भुगतान में देरी से परिवारों की आर्थिक तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
शिक्षामित्र संगठनों ने सरकार से मांग की है कि दीपावली से पहले सभी लंबित मानदेय का भुगतान कराया जाए तथा नई भुगतान प्रणाली में आ रही तकनीकी एवं प्रक्रियागत समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

