17 साल में शुरू नहीं हो सकी एनपीएस की कटौती, 75 फीसदी से अधिक शिक्षकों की कटौती नहीं

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों से संबद्ध प्राइमरी और एडेड संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों की राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की कटौती 17 साल में शुरू नहीं हो सकी है। जब 17 वर्ष में कटौती ही नहीं शुरू हो सकी तो बाजार आधारित व्यवस्था में उनकी पेंशन क्या बनेगी, सरकार ने 28 मार्च 2005 को ही परमानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नंबर (प्रान) खाता आवंटन करने के साथ कटौती शुरू करने के आदेश दिए थे।


लेकिन अधिकारियों की ओर से रुचि नहीं लेने के कारण हजारों शिक्षक बुढ़ापे की लाठी से वंचित हैं। अकेले प्रयागराज में 25 संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत 75 शिक्षकों में से 56 एनपीएस से आच्छादित हैं। जिले में संबद्ध प्राइमरी के 44 स्कूल हैं। 23 बालक में 152 व 21 बालिका विद्यालय में 172 कुल 312 शिक्षक हैं। इनमें लगभग 80 फीसदी एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त हैं।

माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने 11 अक्टूबर 2021 को विशेष सचिव जय शंकर दुबे से आयोजित वार्ता में संलग्न प्राइमरी और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों की एनपीएस में कटौती शुरू ना हो पाने का मामला उठाया था। विशेष सचिव ने कटौती जल्द से जल्द शुरू करने के सख्त आदेश माध्यमिक के शिक्षा निदेशक और वित्त नियंत्रक को आदेश दिए थे। लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।


75 फीसदी से अधिक शिक्षकों की कटौती नहीं

प्रयागराज। यही हाल एनपीएस से आच्छादित प्रदेशभर के बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का है। जिले में 9427 परिषदीय शिक्षक एनपीएस से आच्छादित हैं लेकिन इनमें से मात्र 2176 की ही एनपीएस कटौती हो रही है। शेष 7251 शिक्षकों की कटौती नहीं हो रही है। जिनकी कटौती हो रही है उनका पैसा निवेशित नहीं हो रहा है।

● एडेड कॉलेजों से संबद्ध प्राइमरी, संस्कृत स्कूलों के शिक्षकों का हाल

● एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की नहीं हो रही कटौती

इससे दुर्भाग्य कि कोई बात नहीं हो सकती की एनपीएस से आच्छादित 75 ़फीसदी से अधिक परिषदीय शिक्षकों की अब तक कटौती भी शुरू नहीं हो सकी है। यह अफसरों की नाकामी दिखाती है। देवेंद्र श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ

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