आउटसोर्स कर्मियों को नियमित नियुक्ति में मिले वरीयता




लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आउटसोर्स व संविदा कर्मचारियों को नियमित नियुक्तियों में वरीयता देने की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने इस संबंध में मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा है।




इसमें उन्होंने कहा है कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी सेवा प्रदाता एजेंसी के जरिए तैनात हैं। लेकिन सेवा प्रदाता एजेंसियां मनमाने तरीके से कर्मचारियों को सेवा से बाहर कर अथवा कम मानदेय देकर शोषण करती हैं। इसकी शिकायतें लगातार मिल रही हैं। एसजीपीजीआई व एनएचएम समेत कई विभागों में निर्धारित योग्यता व अर्हताधारी आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती है। लेकिन इनमें नियमित नियुक्तियों के समय इन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाता है। जो इनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।