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12 November 2025

सर्किल रेट अब सिर्फ तीन मानकों पर, सम्पत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए स्टांप ड्यूटी देने के लिए सर्किल रेट स्वयं तय करने की सुविधा

 

लखनऊ, । राज्य सरकार सम्पत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए स्टांप ड्यूटी देने के लिए सर्किल रेट स्वयं तय करने की सुविधा आम लोगों को दे दी है। पूरे प्रदेश में अब सर्किल रेट केवल तीन मानकों नगरीय, अर्द्ध नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र के हिसाब से तय होंगे।


सर्किल रेट निर्धारित करने के लिए 45 तरह की श्रेणियों को घटाकर मात्र 15 कर दिया गया है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी है। इससे उन्हें वकीलों और बिचौलियों के झंझट से मुक्ति मिलेगी।


स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने मंगलवार को बताया कि अब प्रदेश के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में भिन्न-भिन्न प्रारूपों की जगह समान दर सूची लागू होगी। मूल्यांकन में कृषि फार्म, अर्द्ध-वाणिज्यिक, आवासीय वाणिज्यिक, मिश्रित सम्पत्ति, एकल वाणिज्यिक अधिष्ठान, होटल, अस्पताल, पेट्रोल पंप, सिनेमाहॉल, कोचिंग सेन्टर आदि के लिए अलग दरें तय की गई हैं। निर्माण की आयु के आधार पर 20 से 50 प्रतिशत तक मूल्यह्रास की सरल व्यवस्था की गई है। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने बताया कि पहले सर्किल रेट निर्धारण में ‘विकसित’, ‘विकासशील’, ‘अविकसित’ जैसी श्रेणियों में वर्गीकरण होता था, जिससे दरें असंगत होती थीं। अब तीन मानक तय कर दिए गए हैं। कृषि भूमि का मूल्य अब सड़क से दूरी और जुड़ाव के आधार पर तय होगा। सड़क से सटे भूखंडों पर ही सड़क दरें लागू होंगी, जबकि दूर की जमीन पर उनकी लोकेशन के अनुसार दरें घटेंगी। औद्योगिक, आवासीय, व्यावसायिक भूखंडों के लिए अलग दरों की व्यवस्था खत्म कर, उन्हें एकीकृत किया गया है।

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